दुनिया संकट में, भारत में पैसों की बारिश! गोल्ड की तेजी ने कैसे बदल दी मोदी सरकार की आर्थिक तस्वीर?

नई दिल्ली

आजकल बाजार से लेकर आम लोगों के बीच दो ही चीजों की सबसे ज्यादा चर्चा है, एक तो सोने की कीमतों में आई तूफानी तेजी और दूसरी भारत की तेजी से दौड़ती अर्थव्यवस्था. अगस्त के महीने में सोने के दामों ने अचानक ऐसा गियर बदला कि लोग हैरान रह गए. हर तरफ यही सवाल तैर रहा है कि क्या सोना इस बार नया रिकॉर्ड कायम करेगा? लेकिन कमाल की बात ये है कि सिर्फ सोना ही नहीं चमक रहा, बल्कि भारत भी सोने की तरह दमक रहा है. आज पूरी दुनिया में उथल-पुथल मची है, कई देशों की अर्थव्यवस्थाएं क्रैश हो रही हैं और युद्ध का संकट गहराया हुआ है. ऐसे मुश्किल दौर में भी भारत न सिर्फ मजबूती से खड़ा है, बल्कि अपनी रफ्तार से पूरी दुनिया को चौंका रहा है। 

सोने की कीमतों में तूफानी तेजी: 1 महीने में करीब 20 हजार की उछाल
पिछले कुछ महीनों में सोने और चांदी की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया था. जुलाई के आसपास जो सोना एक दायरे में अटका हुआ दिख रहा था, उसने अचानक तेजी पकड़ ली. 24 कैरेट सोना 24 जुलाई को 1,42,757 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो 25 अगस्त तक बढ़कर 1,62,344 रुपये पर पहुंच गया. यानी महज एक महीने में सोना 19,587 रुपये महंगा हो गया. इसी तरह चांदी भी एक महीने में 23,890 रुपये चढ़कर 2,43,446 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। 

सोने के दाम भागने के पीछे सबसे बड़ी वजह ग्लोबल टेंशन और अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध है. जब भी दुनिया में संकट आता है, तो लोग शेयर बाजार से पैसा निकालकर सोने जैसे सुरक्षित ठिकाने पर लगाते हैं। 

दुनिया में आर्थिक संकट, लेकिन भारत की इकॉनमी ‘रॉकेट’
जहां ग्लोबल सप्लाई चेन ध्वस्त हो रही है, वहीं RBI बुलेटिन के ताजा आंकड़े बताते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था का मोमेंटम बेहद मजबूत है. जुलाई 2026 में कुल रिटेल ऑटोमोबाइल सेल्स में पिछले साल के मुकाबले 25.9% की बढ़ोतरी दर्ज की गई. ट्रैक्टर बिक्री में 28.1%, टू-व्हीलर्स में 28.3% और पैसेंजर गाड़ियों की बिक्री में 19.1% का उछाल आया है. देश का औद्योगिक उत्पादन (IIP) भी 7.3% बढ़ा है, जिससे साफ है कि ग्रामीण और शहरी दोनों ही इलाकों में घरेलू मांग रॉकेट बनी हुई है। 

11 हफ्ते में 73 अरब डॉलर का इजाफा: पाकिस्तान के फॉरेक्स से 3 गुना ज्यादा
भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में आई तेजी ने दुनिया को हैरान कर दिया है. 8 जून के बाद से महज 11 हफ्ते में भारत के फॉरेक्स रिजर्व में 73 अरब डॉलर यानी करीब 7 लाख करोड़ रुपए का इजाफा हुआ है. तुलना के लिए समझें तो ये अकेले बढ़ोतरी की रकम पाकिस्तान के कुल फॉरेक्स रिजर्व से 3 गुना से भी ज्यादा है, जो करीब 22 अरब डॉलर है। 

ये सब मुमकिन हुआ रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की USD-INR Forex Swap स्कीम से. इसके तहत विदेशों में रह रहे भारतीयों ने ‘फॉरेन करेंसी नॉन-रेसिडेंट’ खातों के जरिए बिना किसी करेंसी रिस्क के भारतीय बैंकों में जमकर डॉलर जमा किए, जिससे देश में डॉलर की बरसात हो गई। 

ग्लोबल आउटरीच: दुनिया भर में भारत का डंका
पीएम मोदी के विजन के तहत भारत के दिग्गज मंत्री दुनिया भर में आर्थिक मोर्चे पर डटे हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अमेरिका और कनाडा के दौरे पर हैं. वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल 200 कारोबारियों के साथ जापान में हैं, जहां 65% जापानी कंपनियों ने भारत को दुनिया का सबसे बेहतरीन मार्केट माना है. विदेश मंत्री एस जयशंकर रूस दौरे पर हैं, जहां राष्ट्रपति पुतिन ने भारत को खाद की लगातार सप्लाई का भरोसा दिया है. वहीं NSA अजीत डोभाल चीन में सीमा विवाद पर वार्ता कर रहे हैं। 

UPI के 10 साल: गोलगप्पे वाले से लेकर ग्लोबल मार्केट तक
10 साल पहले जब डिजिटल पेमेंट और UPI की शुरुआत हुई थी, तब विपक्षी नेताओं ने इसका काफी मजाक उड़ाया था. कांग्रेस नेताओं का कहना था कि देश में रेहड़ी-पटरी वाले और गरीब लोग डिजिटल पेमेंट कैसे करेंगे. हालांकि, आज आंकड़ों ने नया इतिहास रच दिया है. 2016-17 में जहां रोजाना सिर्फ 3 हजार ट्रांजैक्शन होते थे, वहीं 2025-26 में यह बढ़कर रोजाना 66 करोड़ हो चुके हैं. जुलाई 2026 में सिर्फ एक महीने के भीतर 29.88 लाख करोड़ रुपए का डिजिटल लेन-देन हुआ। 

आज दुनिया के कुल रियल-टाइम डिजिटल पेमेंट का लगभग 49% हिस्सा अकेले भारत के UPI पर होता है. छोटे से गांव में गोलगप्पे और चाय बेचने वाला भी अब QR कोड स्कैन करा रहा है. यही वजह है कि बीजेपी नेताओं ने पुरानी बातें याद दिलाते हुए कहा कि जिस डिजिटल इंडिया का कभी मजाक बनाया जाता था, आज उसी मॉडल को दुनिया के 11 देश अपना रहे हैं और रेहड़ी-पटरी वाले भी स्मार्ट बनकर देश की इकॉनमी को आगे बढ़ा रहे हैं। 

जहां एक तरफ युद्ध और अनिश्चितता के कारण सोने के दाम नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ मजबूत नीतियों, विदेशी मुद्रा के अंबार और डिजिटल क्रांति के दम पर भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया के नक्शे पर सोने से भी ज्यादा तेजी से चमक रही है। 

 

Related Posts

भारतीय नौसेना को बड़ी मजबूती, 40 हजार करोड़ की लागत से तैयार होंगे 8 आधुनिक युद्धपोत

विशाखापट्टनम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) ने भारतीय नौसेना के लिए 8 अगली पीढ़ी के कार्वेट यानी नेक्स्ट जनरेशन कॉरवेट्स बनाने का विशाल प्रोजेक्ट…

बैंक ग्राहकों के लिए जरूरी खबर, 31 अक्टूबर को पांचवें शनिवार पर खुलेंगे या बंद रहेंगे बैंक?

मुंबई  कल पांचवें शनिवार के दिन बैंक बंद रहने वाले हैं। अगर आप कल 31 अक्टूबर को बैंक ब्रांच जाकर अपना काम निपटाने का प्लान कर रहे हैं तो पहले…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

2027 के चुनावी रण के लिए कांग्रेस का मंथन, दिल्ली में खरगे की अध्यक्षता में जुटेंगे सांसद

2027 के चुनावी रण के लिए कांग्रेस का मंथन, दिल्ली में खरगे की अध्यक्षता में जुटेंगे सांसद

भारत में हॉकी विश्व कप 2030 कराने की तैयारी, मेजबानी के लिए पंजाब समेत तीन राज्य आगे

भारत में हॉकी विश्व कप 2030 कराने की तैयारी, मेजबानी के लिए पंजाब समेत तीन राज्य आगे

PU में गाड़ियों की आवाजाही से बढ़ी परेशानी, रोक नहीं लगी तो सड़कों पर उतरेंगे छात्र

PU में गाड़ियों की आवाजाही से बढ़ी परेशानी, रोक नहीं लगी तो सड़कों पर उतरेंगे छात्र

अंबेडकर प्रतिमा पर तीसरी बार हमला, सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस

अंबेडकर प्रतिमा पर तीसरी बार हमला, सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस

लुधियाना में दर्दनाक हादसा, ऑटो की टक्कर से 2 की गई जान, 9 लोग घायल

लुधियाना में दर्दनाक हादसा, ऑटो की टक्कर से 2 की गई जान, 9 लोग घायल

लुधियाना में सरेआम गुंडागर्दी, जगजोत सिंह पर हमला कर सिर पर किए वार

लुधियाना में सरेआम गुंडागर्दी, जगजोत सिंह पर हमला कर सिर पर किए वार

Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/hmueqlhb/thedaily247.com/wp-includes/functions.php on line 5581

Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/hmueqlhb/thedaily247.com/wp-includes/functions.php on line 5581