चीन की अंडरवियर सिटी का अनोखा राज, इनरवियर मैन्युफैक्चरिंग से चलता है पूरा शहर

गुआराओ
एक फैक्ट्री में दर्जनों कर्मचारी अपने-अपने काम में जुटे हैं. कहीं सिलाई मशीन की लगातार आवाज सुनाई दे रही है तो कहीं तैयार ब्रा के ढेर लगे हैं. हर कर्मचारी को उत्पादन की एक छोटी-सी जिम्मेदारी मिली है. कोई कपड़ा काट रहा है, कोई सिलाई कर रहा है और कोई अगले चरण के लिए उसे आगे बढ़ा रहा है. देखने में यह किसी आम कपड़ा फैक्ट्री जैसा लगता है, लेकिन चीन के इस शहर की खासियत कुछ और है। 

यह शहर है गुआराओ , जिसे चीन में 'अंडरवियर सिटी' कहा जाता है. यहां की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा ब्रा, बनियान और अंडरवियर बनाने के कारोबार पर टिका है. यहां हर साल करोड़ों की संख्या में इनरवियर तैयार किए जाते हैं और चीन के साथ-साथ दूसरे देशों में भी भेजे जाते हैं। 

हर दिन बनते हैं लाखों इनरवियर
गुआराओ की एक अंडरवियर फैक्ट्री में रोजाना करीब 30 से 40 हजार मोटी पैड वाली ब्रा और अंडरवियर तैयार होती हैं. फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारी उत्पादन लाइन पर एक ही काम को बार-बार करते हैं. एक कर्मचारी का काम पूरा होते ही कपड़ा अगले कर्मचारी के पास पहुंच जाता है और इसी तरह धीरे-धीरे तैयार होती है एक ब्रा या अंडरवियर। 

गुआराओ में ऐसी सिर्फ एक-दो फैक्ट्रियां नहीं हैं. पूरे शहर में हजारों छोटी-बड़ी फैक्ट्रियां अंडरवियर बनाने के काम में लगी हैं. आंकड़ों के मुताबिक, शहर में हर साल करीब 35 करोड़ ब्रा और 43 करोड़ बनियान और अंडरवियर तैयार किए जाते हैं. यहां बनने वाले इनरवियर का बड़ा हिस्सा चीन के घरेलू बाजार में बिकता है, जबकि काफी सामान विदेशों में भी भेजा जाता है। 

कहा जाता है कि शहर के औद्योगिक उत्पादन में अंडरवियर से जुड़े सामान की हिस्सेदारी करीब 80 फीसदी है. यानी इस शहर में कपड़े का कारोबार कहें या अंडरवियर की इंडस्ट्री, दोनों लगभग एक ही बात हो गई है। 

सड़क से फैक्ट्री तक… हर जगह अंडरवियर का कारोबार
गुआराओ में अंडरवियर सिर्फ फैक्ट्रियों तक सीमित नहीं है. शहर में जगह-जगह लिंजरी के विज्ञापन देखने को मिलते हैं. बड़े-बड़े होर्डिंग्स पर मॉडल्स को अलग-अलग तरह के अंडरवियर पहने दिखाया जाता है. इसी वजह से स्थानीय प्रशासन भी गुआराओ को 'अंडरवियर सिटी' यानी 'अंडरवियर का शहर' कहता है। 

शहर के लिए यह उद्योग सिर्फ कपड़े बनाने का काम नहीं, बल्कि रोजगार और कमाई का सबसे बड़ा जरिया है. हजारों लोग सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से इसी कारोबार से जुड़े हैं। 

1982 में शुरू हुआ था अंडरवियर का कारोबार
गुआराओ में अंडरवियर बनाने का कारोबार बहुत पुराना नहीं है. इसकी शुरुआत करीब 1982 में हुई थी. पड़ोसी हांगकांग और ताइवान से आए निवेश ने यहां इस उद्योग को बढ़ने में मदद की। 

शहर की लोकेशन और अपेक्षाकृत सस्ता मजदूर मिलने की वजह से यहां फैक्ट्रियां तेजी से बढ़ने लगीं. खासकर 1995 से 2005 के बीच अंडरवियर का कारोबार तेजी से फैला और गुआराओ एक बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर गया.लेकिन तेज औद्योगिक विकास के साथ शहर को प्रदूषण जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ा। 

सिर्फ अंडरवियर पर टिकी अर्थव्यवस्था, अब बढ़ी चिंता
गुआराओ की सबसे बड़ी ताकत ही अब उसकी सबसे बड़ी कमजोरी बनती दिख रही है. शहर का उद्योग मुख्य रूप से एक ही क्षेत्र पर निर्भर है. ऐसे में अगर अंडरवियर के कारोबार में मंदी आती है या दूसरे देशों से प्रतिस्पर्धा बढ़ती है, तो इसका सीधा असर पूरे शहर पर पड़ता है। 

फैक्ट्री मालिकों का कहना है कि उत्पादन की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन ग्राहक ज्यादा कीमत चुकाने के लिए तैयार नहीं हैं. यानी खर्च बढ़ रहा है, लेकिन सामान की कीमत उसी हिसाब से बढ़ाना मुश्किल है. इसका असर छोटे और मध्यम स्तर की फैक्ट्रियों पर भी पड़ रहा है। 

थाईलैंड और वियतनाम से बढ़ी टक्कर
गुआराओ के सामने अब सिर्फ घरेलू बाजार की चुनौती नहीं है. थाईलैंड और वियतनाम जैसे देश भी अंडरवियर बनाने के क्षेत्र में चीन को टक्कर दे रहे हैं. इन देशों में कुछ मामलों में मैन्युफैक्चरिंग लागत और टैक्स कम होने के कारण कंपनियों के लिए वहां उत्पादन करना ज्यादा फायदेमंद पड़ सकता है. 2008 के बाद से मिड और लो-एंड अंडरवियर के कुछ ऑर्डर चीन से इन देशों की ओर जाने लगे. इसका असर गुआराओ के निर्यात पर भी पड़ा। 

चीन की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ी, लेकिन गुआराओ जैसे कई छोटे औद्योगिक शहर अपनी पुरानी इंडस्ट्री से बाहर नहीं निकल पाए. अंडरवियर उद्योग पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता अब शहर के लोगों को परेशान कर रही है। 

कई लोग बेहतर रोजगार और भविष्य की तलाश में आसपास के शहरों और दूसरे देशों की ओर जाने लगे हैं. कुछ फैक्ट्री मालिक कारोबार बंद करके शहर छोड़ चुके हैं.

गुआराओ की कहानी सिर्फ एक शहर की कहानी नहीं है. चीन में ऐसे कई शहर हैं जहां एक ही तरह के सामान का उत्पादन पूरे इलाके की अर्थव्यवस्था को चलाता है. किसी शहर में प्लास्टिक के खिलौने बनते हैं तो किसी में कपड़े या दूसरे सस्ते सामान। 

ऐसे 'वन-इंडस्ट्री टाउन' ने चीन को दुनिया का बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने में अहम भूमिका निभाई. लेकिन इन शहरों की मुश्किल यह है कि अगर सस्ता उत्पादन करने वाला कोई दूसरा देश बाजार में आ जाए, तो पूरी स्थानीय अर्थव्यवस्था दबाव में आ सकती है। 

गुआराओ में आज भी सिलाई मशीनों की आवाज और अंडरवियर के ढेर दिखाई देते हैं. लेकिन इन करोड़ों ब्रा और अंडरवियर के पीछे अब एक सवाल भी खड़ा है. अगर पूरी अर्थव्यवस्था एक ही उद्योग पर टिकी हो, तो बदलते वक्त के साथ शहर खुद को कितना बदल पाएगा?

Related Posts

Pakistan Hindu Population: 1941 से अब तक कितना बदला हिंदुओं का जनसंख्या अनुपात? ब्रिटिश रिपोर्ट के आंकड़ों ने खींचा ध्यान

इस्लामाबाद  पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं की स्थिति एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय चर्चा में है। ब्रिटेन स्थित प्रवासी संगठन INSIGHT UK ने ब्रिटिश संसद में एक रिपोर्ट पेश कर…

बलोचिस्तान में सुरक्षा बलों के कैंप को बनाया निशाना, BLF की महिला यूनिट समेत दो दस्तों के हमले का दावा

बलोचिस्तान पाकिस्तान के बलोचिस्तान में सैन्य कैंप पर हमले को लेकर बलोचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) ने बड़ा दावा किया है. संगठन के मुताबिक, उसकी लड़ाकू यूनिटों ने 1 अक्टूबर 2026…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

2027 के चुनावी रण के लिए कांग्रेस का मंथन, दिल्ली में खरगे की अध्यक्षता में जुटेंगे सांसद

2027 के चुनावी रण के लिए कांग्रेस का मंथन, दिल्ली में खरगे की अध्यक्षता में जुटेंगे सांसद

भारत में हॉकी विश्व कप 2030 कराने की तैयारी, मेजबानी के लिए पंजाब समेत तीन राज्य आगे

भारत में हॉकी विश्व कप 2030 कराने की तैयारी, मेजबानी के लिए पंजाब समेत तीन राज्य आगे

PU में गाड़ियों की आवाजाही से बढ़ी परेशानी, रोक नहीं लगी तो सड़कों पर उतरेंगे छात्र

PU में गाड़ियों की आवाजाही से बढ़ी परेशानी, रोक नहीं लगी तो सड़कों पर उतरेंगे छात्र

अंबेडकर प्रतिमा पर तीसरी बार हमला, सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस

अंबेडकर प्रतिमा पर तीसरी बार हमला, सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस

लुधियाना में दर्दनाक हादसा, ऑटो की टक्कर से 2 की गई जान, 9 लोग घायल

लुधियाना में दर्दनाक हादसा, ऑटो की टक्कर से 2 की गई जान, 9 लोग घायल

लुधियाना में सरेआम गुंडागर्दी, जगजोत सिंह पर हमला कर सिर पर किए वार

लुधियाना में सरेआम गुंडागर्दी, जगजोत सिंह पर हमला कर सिर पर किए वार

Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/hmueqlhb/thedaily247.com/wp-includes/functions.php on line 5581

Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/hmueqlhb/thedaily247.com/wp-includes/functions.php on line 5581