फाइल अटकाई तो कार्रवाई तय! MP के नए ‘ऑटो एस्कलेशन’ कानून में अफसरों पर सख्ती

भोपाल 

मध्यप्रदेश में अब कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी उद्योग या व्यापार से जुड़ी फाइल को दबाकर नहीं बैठ सकेगा। एमपी सरकार के नए 'मध्यप्रदेश ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026' के तहत एक ऐसी डिजिटल व्यवस्था लागू की जा रही है। 

अगर किसी अफसर ने तय समय में फाइल क्लियर नहीं की, तो कंप्यूटर सिस्टम उस फाइल को खुद-ब-खुद उसके सीनियर अफसर के पास भेज देगा और लेटलतीफी करने वाले अफसर की जेब से जुर्माना भी कट सकता है।

अब कैसे बदलेगा काम का तरीका
अब तक व्यवस्था यह थी कि यदि किसी व्यापारी या निवेशक को अपना काम शुरू करना होता था, तो उसे एनओसी (NOC) या मंजूरी के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे। फाइल महीनों तक एक ही टेबल पर अटकी रहती थी।

नए कानून ने इस 'टेबल-टेबल' के खेल को पूरी तरह खत्म कर दिया है। सरकार ने इस कानून के जरिए पूरी व्यवस्था को ऑनलाइन 'एकल खिड़की प्रणाली' (सिंगल विंडो सिस्टम) पर शिफ्ट कर दिया है।

अब किसी भी विभाग के अधिकारी के पास फाइल को अटकाने का कोई कानूनी या तकनीकी बहाना नहीं बचेगा।

इस नए कानून की सबसे बड़ी ताकत इसकी समय-सीमा यानी डेडलाइन और स्वतः ट्रांसफर होने की तकनीक है, जिसने नौकरशाही की मनमानी पर पूरी तरह रोक लगा दी है।

जब सिस्टम खुद कम करेगा अफसर की पावर
इस कानून का सबसे बड़ा मास्टरस्ट्रोक 'ऑटो एस्कलेशन' का नियम है। मान लीजिए किसी विभाग के छोटे या मध्यम स्तर के अधिकारी को 15 दिनों के भीतर आपकी फाइल पर फैसला लेना है। अगर वह 15 दिनों तक फाइल पर कुंडली मारकर बैठा रहता है, तो 16वें दिन सुबह वह फाइल उसके कंप्यूटर से अपने आप (ऑटोमेटिकली) गायब हो जाएगी।

वह फाइल सीधे उसके ऊपर के 'हायर अथॉरिटी' (वरिष्ठ अधिकारी) के डिजिटल डेस्क पर पहुंच जाएगी। यानी फाइल रोकने वाले अफसर के पास से उस फाइल को मंजूर या नामंजूर करने का अधिकार नहीं रहेगा। साथ ही लापरवाही रिकॉर्ड में भी दर्ज हो जाएगी।

गजट के अध्याय-पांच की धारा 13 (1) में 'स्वतः वृद्धि' यानी Auto-Escalation का स्पष्ट कानूनी प्रावधान है। मूल प्रावधान: गजट के अनुसार, “जहां कोई आवेदन विहित समय सीमा के भीतर निपटाया नहीं जाता है, वहां वह, ऐसी रीति में जो विहित की जाए, संबंधित विभाग में अगले उच्चतर प्राधिकारी को स्वतः प्रकरण-वर्धित (Automatically Escalated) माना जाएगा।”

'सिर्फ एक बार सवाल' का नियम – बार-बार अड़ंगा लगाने पर रोक
अक्सर देखा जाता है कि अधिकारी एक कमी आज बताते हैं, और जब व्यापारी उसे ठीक कर देता है, तो चार दिन बाद दूसरी कमी निकाल देते हैं। नए कानून की धारा 12 ने इस पर ताला लगा दिया है। अब कोई भी सक्षम अधिकारी आवेदन मिलने के केवल 7 दिनों के भीतर और सिर्फ एक ही बार कोई अतिरिक्त जानकारी या सवाल पूछ सकता है। इसके बाद उसे तय समय में फाइल पास करनी ही होगी, वह बार-बार नए ऑब्जेक्शन नहीं उठा सकता।

लापरवाही पर कटेगा पैसा
नए कानून की धारा 20 के तहत, यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी तय समय-सीमा के भीतर किसी मंजूरी या आवेदन का निपटारा करने में फेल रहता है, तो उसे भारी खामियाजा भुगतना होगा।

ऐसे लापरवाह अधिकारी पर 'मध्यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम, 2010' के तहत व्यक्तिगत रूप से जुर्माना (पेनाल्टी) लगाया जाएगा। यह जुर्माना सरकारी खाते से नहीं, बल्कि सीधे उस अधिकारी की जेब (सैलरी) से कटेगा, जिससे अधिकारियों में जवाबदेही तय होगी।

दंडित करने का प्रावधान
गजट के अध्याय-आठ की धारा 20 में समय पर काम न करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को दंडित करने का प्रावधान है।

मूल प्रावधान: गजट के अनुसार, "जहां राज्य नोडल एजेंसी का कोई सक्षम प्राधिकारी, अधिकारी अथवा कर्मचारी, समय-सीमा के भीतर किसी स्वीकृति पर कार्यवाही अथवा निपटान करने में विफल रहता है, वहां ऐसा प्राधिकारी, अधिकारी, कर्मचारी, 'मध्यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम, 2010' (क्रमांक 24 सन् 2010) और उसके अधीन बनाए गए नियमों के उपबंधों के अनुसार शास्ति (Penalty) के अधिरोपण का दायी होगा।"

मध्यप्रदेश लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत यह कड़ा नियम है कि यदि कोई अधिकारी तय समय में सेवा या मंजूरी नहीं देता है, तो उस पर प्रति दिन के हिसाब से जुर्माना लगाया जाता है। सबसे खास बात यह है कि यह जुर्माना विभाग पर नहीं, बल्कि कसूरवार अधिकारी, कर्मचारी पर व्यक्तिगत रूप से लगाया जाता है और यह राशि सीधे उसकी सैलरी (जेब) से कटती है।

विभागों की मनमानी खत्म – अब 'सिंगल पॉइंट' कंट्रोल
इस अधिनियम की धारा 7 के अनुसार, मध्यप्रदेश के सभी सरकारी विभागों (जैसे पर्यावरण, श्रम, ऊर्जा, राजस्व आदि) को अगले 6 महीने के भीतर उद्योगों को दी जाने वाली अपनी मंजूरियों की शक्तियां सीधे 'राज्य नोडल एजेंसी' (MPIDC) को सौंपनी होंगी।

अब कोई भी विभाग यह नहीं कह सकता कि "हमारे विभाग के नियम अलग हैं।" अब सारी कमान राज्य स्तर पर मुख्य सचिव और जिला स्तर पर कलेक्टर के हाथ में होगी, जो इन अधिकारियों के काम की रफ्तार पर सीधे नजर रखेंगे।

Related Posts

दीपावली पर निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए एमपी ट्रांसको की अतिरिक्त सतर्कता

भोपाल ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युमन सिंह तोमर ने बताया कि रोशनी के पर्व दीपावली के दौरान प्रदेश में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने…

जंगल, जमीन और फसल में बसती है जनजातीय दीपावली की खुशियां

भोपाल  दीपावली का पर्व देशभर में रोशनी, खुशियों और समृद्धि के उत्सव के रूप में मनाया जाता है, लेकिन जनजातीय अंचलों में इस पर्व का स्वरूप कुछ अलग और बेहद…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

चंडीगढ़ में 3 दिन सजेगा सैन्य विरासत का मंच, मिलिट्री फेस्टिवल में दिखेगा रोमांच और देशभक्ति का संगम

चंडीगढ़ में 3 दिन सजेगा सैन्य विरासत का मंच, मिलिट्री फेस्टिवल में दिखेगा रोमांच और देशभक्ति का संगम

मान सरकार का युवाओं को तोहफा, पंजाब में पटवारियों के 1001 पदों पर होगी भर्ती

मान सरकार का युवाओं को तोहफा, पंजाब में पटवारियों के 1001 पदों पर होगी भर्ती

चंडीगढ़ में छाईं जेल के कैदियों की मिठाइयां, स्वाद के दीवाने हुए लोग

चंडीगढ़ में छाईं जेल के कैदियों की मिठाइयां, स्वाद के दीवाने हुए लोग

पंजाब सरकार का दिवाली गिफ्ट, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 40% DA; जानें किसे होगा फायदा

पंजाब सरकार का दिवाली गिफ्ट, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 40% DA; जानें किसे होगा फायदा

पानीपत में विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार, सीसी रोड के साथ बिछेंगी सीवर और पानी की लाइनें

पानीपत में विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार, सीसी रोड के साथ बिछेंगी सीवर और पानी की लाइनें

पंजाब में बारिश के आसार नहीं, मंडी गोबिंदगढ़ में प्रदूषण ने बढ़ाई चिंता

पंजाब में बारिश के आसार नहीं, मंडी गोबिंदगढ़ में प्रदूषण ने बढ़ाई चिंता

Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/hmueqlhb/thedaily247.com/wp-includes/functions.php on line 5581

Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/hmueqlhb/thedaily247.com/wp-includes/functions.php on line 5581