RSS के 100वें वर्ष पर मोहन भागवत का संदेश, स्वदेशी और सामाजिक समरसता पर जोर

 नागपुर
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने अपने शताब्दी वर्ष के अवसर पर नागपुर में विजयदशमी उत्सव और शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किया. इस कार्यक्रम में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने एकता, AI से लेकर फ्रांस प्रोटेस्ट तक, सभी मुद्दों पर बात की. उन्होंने नशे की समस्या, सही-गलत के बीच अंतर समझने और नई पीढ़ी को संस्कार सिखाने पर भी जोर दिया। 

RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कार्यक्रम को संबोधित किया. उन्होंने कार्यक्रम में बंगाल के राज नायारण बसु का जिक्र किया. उनके जन्म को 200 साल पूरे हो रहे हैं. उन्होंने कहा, समाज में स्वदेशी मेलों के जरिए लोगों को अपनी संस्कृति और पहचान के प्रति जागरूक करने के लिए राज नायारण बसु ने हिंदू मेले की शुरुआत की थी। 

'जब देश विदेशी आक्रमण का सामना कर रहा था…'
RSS के विजयादशमी समारोह में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने संत रविदास के योगदान को भी याद किया. उन्होंने कहा, 'जब देश विदेशी आक्रमणकारियों के हमलों का सामना कर रहा था और लोगों पर अत्याचार हो रहे थे तब चारों ओर डर का माहौल था. ऐसे समय में संत रविदास ने स्वधर्म के प्रति निष्ठा, सामाजिक समरसता और भक्ति का संदेश दिया.'
RSS प्रमुख के मुताबिक, संत रविदास ने अपने जीवन से उदाहरण पेश कर समाज को सांत्वना दी और लोगों का मनोबल बढ़ाया। 

मोहन भागवत ने कार्यक्रम में कहा कि RSS पिछले 100 वर्षों से भारत को उसकी अपनी पहचान, संस्कृति और परंपराओं के आधार पर संगठित और मजबूत बनाने का काम कर रहा है. भागवत ने स्वदेशी अपनाने का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि संघ के शताब्दी वर्ष में जिन पांच प्रमुख बदलावों पर जोर दिया जा रहा है, उनमें अपनी पहचान का बोध और स्वदेशी चीजों को अपनाना शामिल है। 

'रिजीम चेंज न हुआ, न आगे होगा'
कार्यक्रम में मोहन भागवत ने फ्रांस में चल रहे प्रोटेस्ट का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, 'एक पश्चिम से आंधी चली है जो हर प्रकार की भद्रता, व्यवस्था, संस्कार का विरोध करती है और उसे नष्ट करना चाहती है. देखिए फ्रांस में क्या हो रहा है, अल्बानिया में क्या हो रहा है, नेपाल, बांग्लादेश में क्या हुआ. वे कहते हैं रिजीम चेंज करने से परिस्थिति बदलेगी. लेकिन ऐसा कभी हुआ नहीं है. पहले नहीं हुआ, आज भी नहीं होगा। 

'भारत विविधता का देश है'
कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने भारत की विविधता का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि भारत माता का सर्वोच्च स्थान है. देश में अलग-अलग पंथ, प्रांत, जातियां, भाषाएं, खानपान और रीति-रिवाज हैं. लेकिन भारत को एकजुट होकर आगे बढ़ना है. भागवत ने कहा कि देश पहले भी एक होकर आगे बढ़ा है और भविष्य में भी इसी एकता के साथ आगे बढ़ता रहेगा। 

मोहन भागवत ने इस कार्यक्रम में ड्रग्स की समस्या पर भी बात की. उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी नशीली दवाओं की आदी होती जा रही है. उन्होंने नशे को एक गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि अभिभावकों को आने वाली पीढ़ी को इसे लेकर सीख देने की बात की है। 

उन्होंने कहा, 'यह हमारी सनातन काल से चली आई परंपरा है. सृष्टि में विविधता है. यह बिल्कुल स्वाभाविक है. विविधता जितनी स्वाभाविक और परिवर्तनशील है, उतनी ही संपूर्ण अस्तित्व की एकता का सत्य अचल, अटल और शाश्वत है। 

'आंदोलन अगर दूसरे लक्ष्य से चले…'
कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि समाज, देश को चलाना सभी की जिम्मेदारी है. और अगर आंदोलन के पीछे अपनेपन की प्रेरणा है तो ठीक है लेकिन अगर अगर आंदोलन दूसरे लक्ष्य से चले तो वह राजनीति का साधन बन जाता है. उन्होंने कहा, 'अगर यह किसी व्यक्ति, समूह, विचार के प्रति विरोध बढ़ाने का काम करता है तो इसका काम भारत को दबाने वाली शक्तियां उठाएंगी। 

'सही-गलत का अंतर समझें'
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने नई पीढ़ी में सही और गलत के बीच अंतर समझने की क्षमता विकसित करने पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी सीखने के लिए उत्सुक रहती है और नई चीज़ें उसे आकर्षित करती हैं. लेकिन उसे सही गलत का अंतर समझना चाहिए। 

भागवत ने OTT प्लेटफॉर्म और दूसरे माध्यमों पर नियम, अनुशासन पर शासन से बात करने का भी जिक्र किया है. उन्होंने कहा कि समझ की कमी के कारण व्यक्तिगत, पारिवारिक और सामाजिक जीवन में कई तरह के दुष्परिणाम देखने को मिलते हैं। 

दशहरे के अवसर पर RSS देशभर में पथ संचलन के कार्यक्रम भी आयोजित करता है. यह परंपरा संघ की मजबूती और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती है. यह परंपरा संघ की स्थापना के दिन से चली आ रही है. शस्त्र पूजा से पहले मोहन भागवत ने स्मृति मंदिर में संघ संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। 

गौरतलब है, साल 1925 में दशहरे के ही दिन नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना हुई थी. डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने संघ की स्थापना की थी. दशहरे के मौके पर RSS देशभर में पथ संचलन के कार्यक्रम भी आयोजित करता है। 

Related Posts

भारतीय नौसेना को बड़ी मजबूती, 40 हजार करोड़ की लागत से तैयार होंगे 8 आधुनिक युद्धपोत

विशाखापट्टनम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) ने भारतीय नौसेना के लिए 8 अगली पीढ़ी के कार्वेट यानी नेक्स्ट जनरेशन कॉरवेट्स बनाने का विशाल प्रोजेक्ट…

बैंक ग्राहकों के लिए जरूरी खबर, 31 अक्टूबर को पांचवें शनिवार पर खुलेंगे या बंद रहेंगे बैंक?

मुंबई  कल पांचवें शनिवार के दिन बैंक बंद रहने वाले हैं। अगर आप कल 31 अक्टूबर को बैंक ब्रांच जाकर अपना काम निपटाने का प्लान कर रहे हैं तो पहले…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

2027 के चुनावी रण के लिए कांग्रेस का मंथन, दिल्ली में खरगे की अध्यक्षता में जुटेंगे सांसद

2027 के चुनावी रण के लिए कांग्रेस का मंथन, दिल्ली में खरगे की अध्यक्षता में जुटेंगे सांसद

भारत में हॉकी विश्व कप 2030 कराने की तैयारी, मेजबानी के लिए पंजाब समेत तीन राज्य आगे

भारत में हॉकी विश्व कप 2030 कराने की तैयारी, मेजबानी के लिए पंजाब समेत तीन राज्य आगे

PU में गाड़ियों की आवाजाही से बढ़ी परेशानी, रोक नहीं लगी तो सड़कों पर उतरेंगे छात्र

PU में गाड़ियों की आवाजाही से बढ़ी परेशानी, रोक नहीं लगी तो सड़कों पर उतरेंगे छात्र

अंबेडकर प्रतिमा पर तीसरी बार हमला, सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस

अंबेडकर प्रतिमा पर तीसरी बार हमला, सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस

लुधियाना में दर्दनाक हादसा, ऑटो की टक्कर से 2 की गई जान, 9 लोग घायल

लुधियाना में दर्दनाक हादसा, ऑटो की टक्कर से 2 की गई जान, 9 लोग घायल

लुधियाना में सरेआम गुंडागर्दी, जगजोत सिंह पर हमला कर सिर पर किए वार

लुधियाना में सरेआम गुंडागर्दी, जगजोत सिंह पर हमला कर सिर पर किए वार

Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/hmueqlhb/thedaily247.com/wp-includes/functions.php on line 5581

Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/hmueqlhb/thedaily247.com/wp-includes/functions.php on line 5581