मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के सलाहकार नासिर असलम वानी ने भी शनिवार को जम्मू कश्मीर से सशस्व बल विशेषाधिकार अधिनियम अफासपा को हटाए जाने पर जोर देते हुए कहा कि अगर देश के किसी भी हिस्से से यह कानून हटाया जाता है तो शुरुआत जम्मू कश्मीर से ही होनी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने ऐलान किया था कि एक राज्य को छोड़कर नार्थ-ईस्ट से अफासपा को पूरी तरह से हटा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे उग्रवाद में तेज़ी से कमी आई है और कानून-व्यवस्था बेहतर हुई है।
आज यहां शेरे कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में पत्रकारों के साथ एक संक्षिप्त बातचीत में नासिर असलम वानी ने कहा कि जम्मू कश्मीर सरकार को न सिर्फ उम्मीद है बल्कि उसकी इच्छा भी है कि अगर केंद्र सरकार देश के विभिन्न राज्यों में लागू अफासपा को हटाने का निर्णय लेती है तो प्राथमिकता जम्मू कश्मीर को ही दी जाए।
उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में हालात अब सामान्य होने का दावा किया जाता है और ऐसे में इस कानून को बनाए रखने का कोई औचित्य नहीं है।इसके अलावा यहां जम्मू कश्मीर में लोग भी यही चाहते हैं। देश में अशांत घोषित क्षेत्रों में तैनात सशस्त्र बलों को अफासपा एक विशेष अधिकार और संरक्षण प्रदान करता है।
जम्मू कश्मीर में बीते कई वर्षाें से अफासपा राजनीतिक बहस का विषय रहा है और अक्सर स्थानीय राजनीतिक दल अपने चुनाव घोषणापत्र में इसे हटाने का भी यकीन दिलाते आए हैं।








