‘पंजाब की सरदारी’ किसके हाथ? स्विंग वोटर्स होंगे गेमचेंजर, AAP के लिए क्यों अहम हैं ये आंकड़े

चंडीगढ़ 

आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पंजाब में चुनावी चौसर सजनी शुरू हो गई है। सभी राजनीतिक दलों ने कमर कस ली है। अबकी बार आम आदमी पार्टी के लिए जहां सत्ता वापसी बड़ी चुनौती रहेगी। वहीं, शिअद, कांग्रेस और भाजपा भी सत्ता तक अपनी पहुंच बनाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाएंगे। इसके लिए सभी दलों के चुनावी रणनीतिकार अपने-अपने कामों में जुट चुके हैं।

 पंजाब में सियासी पारा जैसे-जैसे चढ़ रहा है, मुद्दों की जमीन भी तैयार होती जा रही है। दलों ने एक-दूसरे की घेराबंदी शुरू कर दी है, तो वहीं दल-बदल के तहत पार्टियों का काम भी शुरू हो चुका है जो कि चुनाव तक चलने की संभावना है। कई प्रभावशाली नेता इधर से उधर भी हुए हैं। विभिन्न मुद्दों और मसलों पर सियासी दलों द्वारा आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो चुका है। 

सियासी समीकरणों और वोटरों को अपने पाले में करने के लिए सभी पार्टियां उन मुद्दों पर होमवर्क कर रही हैं, जिन्हें आगामी चुनाव में जनता के बीच ले जाना है। पंजाब के चुनाव में वोटरों का मिजाज बहुत मायने रखता। साल 1997 से साल 2022 के चुनावी पैटर्न को देखें तो यहां स्विंग वोटर्स काफी असरदार रहे हैं। वे मुद्दों को तरजीह देते हैं मगर नया विकल्प मिलने पर राजनीतिक बदलाव के लिए भी वोट करते हैं।

पंथक सियासत का गहरा प्रभाव
सूबे में पंथक सियासत का प्रभाव दशकों से गहरा रहा है, हालांकि हाल के वर्षों में इसमें बदलाव देखे गए हैं। यह सियासत मुख्य रूप से सिख पहचान, बंदी सिखों की रिहाई, बेअदबी मामलों और एसजीपीसी के नियंत्रण जैसे धार्मिक व राजनीतिक मुद्दों के इर्द-गिर्द ही घूमती हैं। पारंपरिक रूप से पंथक वोटों पर शिरोमणि अकाली दल का दबदबा रहा है मगर हालिया चुनावों में इस वोट बैंक में बिखराव आया है। अब राज्य का वोटर केवल पंथक मुद्दों के बजाय विकास, रोजगार और बदलाव जैसे मुद्दों को भी तरजीह दे रहा है। 

 सत्ता बदल देते हैं स्विंग वोटर्स
साल 1997 में भाजपा-अकाली गठबंधन को 40.7 प्रतिशत स्विंग वोटर्स का सहारा मिला और इस गठबंधन ने सरकार बनाई। स्विंग वोटर्स वे मतदाता होते हैं जो किसी एक राजनीतिक दल या विचारधारा के प्रति स्थायी रूप से वफादार नहीं होते। चुनाव के समय इनका वोट किस तरफ जाएगा, यह पहले से तय नहीं होता। ये मतदाता उम्मीदवारों की नीतियों, स्थानीय मुद्दों, काम के प्रदर्शन और तत्कालीन परिस्थितियों के आधार पर अपना निर्णय बदलते रहते हैं।

 साल 2002 में 13.8 प्रतिशत स्विंग वोटर्स के बूते कांग्रेस-सीपीआई गठबंधन ने सरकार बनाई। ये वोटर्स भाजपा-अकाली गठबंधन से छिटक गए। साल 2017 में 23.70 प्रतिशत स्विंग वोटर्स पंजाब की सत्ता में नई पारी खेलने वाले दल आम आदमी पार्टी की ओर शिफ्ट हुए। इससे समीकरण बिगड़े मगर फायदा कांग्रेस को मिला। 

साल 2022 में आप को 18.29 प्रतिशत स्विंग वोटर्स की बढ़त मिली और पार्टी सत्ता में आई। इसका असर इतना ज्यादा था कि शिअद अध्यक्ष व डिप्टी सीएम रहे सुखबीर बादल जलालबाद और कांग्रेस के तत्कालीन सीएम चरणजीत सिंह चन्नी चमकौर साहिब और भदौड़ दोनों सीटों से हार गए।

एक नजर में चुनावी ट्रेंड
    साल 1997 :
शिअद को 75, भाजपा को 18 व कांग्रेस को 14 सीट। कांग्रेस के खिलाफ भारी जनादेश; अकाली-भाजपा गठबंधन का उभार।

    साल 2002 : कांग्रेस को 62, शिअद को 41, भाजपा को 3 सीट। पांच साल की सत्ता के बाद अकाली-भाजपा सरकार के खिलाफ बदलाव।

    साल 2007 : शिअद को 48, भाजपा को 19 व कांग्रेस को 44 सीट। कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर शिअद-भाजपा गठबंधन की वापसी

    साल 2012 : शिअद को 56, भाजपा को 12 व कांग्रेस को 46 सीट। पहली बार लगातार। शिअद-भाजपा गठबंधन सरकार फिर सत्ता पर काबिज।

    साल 2017 : कांग्रेस को 77, आप को 20, शिअद को 15 व भाजपा को 3 सीट। 10 साल की शिअद-भाजपा गठबंधन सरकार के खिलाफ जबरदस्त सत्ता विरोधी फेक्टर।

    साल 2022 : आप को 92, कांग्रेस 18, शिअद को 3 व भाजपा को 2 सीट। परंपरागत दलों को दरकिनार कर तीसरे विकल्प आप को प्रचंड बहुमत।

 

Related Posts

अनुराग शर्मा, आरू साहू और बॉलीवुड गायिका पलक मुच्छल के गीतों पर झूमे दर्शक

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 की सांस्कृतिक संध्या गीत-संगीत, नृत्य और सुरों की शानदार प्रस्तुतियों से सराबोर रही। सांस्कृतिक कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति के साथ देश की विविध सांस्कृतिक…

पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने सभी अधिकारी-कर्मचारियों के समर्पण, परिश्रम और टीम भावना की सराहना की

भोपाल  राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर 31 अक्टूबर 2026 को गुजरात के एकता नगर में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में मध्यप्रदेश पुलिस की ओर से हॉक फोर्स, 7वीं…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

‘सिख नरसंहार के दिन कांग्रेस ने किया जख्मों पर वार’, अमित शाह का बड़ा बयान

‘सिख नरसंहार के दिन कांग्रेस ने किया जख्मों पर वार’, अमित शाह का बड़ा बयान

AAP विधायकों के इस्तीफे पर अमन अरोड़ा और बलतेज पन्नू का पलटवार, BJP पर लगाए आरोप

AAP विधायकों के इस्तीफे पर अमन अरोड़ा और बलतेज पन्नू का पलटवार, BJP पर लगाए आरोप

पंजाब में चुनावी सरगर्मी तेज, आम आदमी पार्टी के दो विधायकों के इस्तीफे से हलचल

पंजाब में चुनावी सरगर्मी तेज, आम आदमी पार्टी के दो विधायकों के इस्तीफे से हलचल

राहुल गांधी का बड़ा बयान, साफ छवि और जीतने की क्षमता वाले नेताओं को मिलेगा टिकट

राहुल गांधी का बड़ा बयान, साफ छवि और जीतने की क्षमता वाले नेताओं को मिलेगा टिकट

मोहाली जमीन घोटाले में बड़ा खुलासा, बिल्डर को अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप

मोहाली जमीन घोटाले में बड़ा खुलासा, बिल्डर को अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप

भगवंत मान होंगे AAP का चेहरा, संजीव अरोड़ा को पार्टी ने बनाया उम्मीदवार

भगवंत मान होंगे AAP का चेहरा, संजीव अरोड़ा को पार्टी ने बनाया उम्मीदवार

Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/hmueqlhb/thedaily247.com/wp-includes/functions.php on line 5581

Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/hmueqlhb/thedaily247.com/wp-includes/functions.php on line 5581