कोल्हान समेत पूरे राज्य के कॉलेजों में शिक्षकों के लिए ब्लैक डे साबित हुआ 31 मार्च, ईएमआई और घर चलाने की चिंता में डूबे हजारों परिवार

जमशेदपुर
झारखंड के डिग्री कॉलेजों में इंटर की पढ़ाई अब पूरी तरह बंद कर दी गई है। 31 मार्च को सभी कॉलेजों में इंटर के शिक्षकों का आखिरी कार्यदिवस रहा। इसके बाद उन्हें कॉलेज नहीं आने को कह दिया गया है। सभी शिक्षकों की सेवा को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है। शिक्षकों के साथ साथ इंटर सेक्शन के शिक्षकेतर कर्मचारियों को भी अल्टीमेटम दे दिया गया है। उन्हें जून के बाद काम से हटा दिया जाएगा।

इस घटनाक्रम के बाद राज्य की शिक्षा व्यवस्था के साथ हजारों शिक्षकों के चूल्हे पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। 31 मार्च की वह तारीख, जो अक्सर वित्तीय वर्ष के समापन और नई शुरुआत का प्रतीक होती है, इस बार झारखंड के अंगीभूत महाविद्यालयों में कार्यरत पांच हजार से अधिक शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए ब्लैक डे साबित हुआ है।

नई शिक्षा नीति का अनुपालन
नई शिक्षा नीति के अनुपालन और राज्य सरकार के कड़े रुख के बीच डिग्री कॉलेजों में इंटरमीडिएट की पढ़ाई पर स्थायी रूप से पूर्ण विराम लग गया है। इस फैसले ने न केवल कॉलेजों के बड़े शैक्षणिक ढांचे को ध्वस्त कर दिया है, बल्कि उन संविदा शिक्षकों के भविष्य को भी अधर में लटका दिया है, जिन्होंने अपने जीवन के दो-तीन दशक इन्हीं कक्षाओं में छात्रों का भविष्य संवारने में खपा दिए। आज स्थिति यह है कि इन शिक्षकों के पास न नौकरी बची है और न ही आने वाले कल की कोई स्पष्ट उम्मीद।

ईएमआई भरने का कोई जरिया नहीं बचा
कॉलेजों में इंटरमीडिएट सेक्शन के बंद होने का असर इतना व्यापक है कि इसने एक साथ हजारों घरों की आर्थिक रीढ़ तोड़ दी है। वे शिक्षक, जो कल तक गौरव के साथ कक्षाओं में व्याख्यान देते थे, आज इन शिक्षकों की माली हालत इस कदर खराब हो चुकी है कि घर का राशन जुटाना, बच्चों की स्कूल फीस भरना और बुजुर्ग माता-पिता की दवाइयों का खर्च उठाना बड़ी चुनौती बन गया है। कई शिक्षकों ने जमा-पूंजी घर बनाने या बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए कर्ज लेने में लगा दी थी, लेकिन अब उनके सामने बैंक की ईएमआई भरने का कोई जरिया नहीं बचा है।

स्कूलों में समायोजित करने का आश्वासन
सरकार की ओर से पिछले दिनों बार-बार यह आश्वासन दिया गया था कि डिग्री कॉलेजों से इंटरमीडिएट की पढ़ाई हटने की स्थिति में इन अनुभवी शिक्षकों और कर्मचारियों को सरकारी प्लस टू (उच्च माध्यमिक) स्कूलों में समायोजित किया जाएगा। शिक्षा विभाग के गलियारों में इस नीति को लेकर कई बार चर्चाएं हुईं और मंत्रियों द्वारा सार्वजनिक मंचों से यह घोषणा भी की गई कि किसी भी कर्मचारी को सड़क पर नहीं आने दिया जाएगा। लेकिन 31 मार्च की समय सीमा बीतने के बाद भी समायोजन की वह फाइल कहीं दबी हुई है। आश्वासन की जिस घुट्टी के सहारे ये शिक्षक अबतक काम कर रहे थे, वह अब कड़वी हकीकत में बदल चुकी है।

शिक्षक-कर्मचारी खाली हाथ
इस पूरे घटनाक्रम के बीच बड़ा सवाल महाविद्यालयों के इंटरमीडिएट सेक्शन के बैंक खातों में जमा करोड़ों रुपये को लेकर भी उठ रहे हैं। झारखंड अंगीभूत महाविद्यालय इंटरमीडिएट शिक्षक संघ ने इस मुद्दे पर सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन को घेरना शुरू कर दिया है। आंकड़ों के मुताबिक, कोल्हान भर के कॉलेजों के इंटर सेक्शन के खातों में छात्रों के नामांकन और अन्य शुल्कों से जमा करोड़ों की आंतरिक राशि मौजूद है।

संघ का स्पष्ट कहना है कि जब यह पैसा इन्हीं शिक्षकों और कर्मचारियों की मेहनत और छात्रों के माध्यम से जमा हुआ है तो इसे केवल बैंक खातों में सड़ाने या किसी और मद में खर्च करने के बजाय उन शिक्षकों को सम्मानजनक विदाई राशि के रूप में क्यों नहीं दिया जा रहा है, जो आज दाने-दाने को मोहताज हैं।

समायोजन का सरकार का वादा अब भी अधूरा
आज राज्य के हजारों शिक्षकों और इंटर कर्मचारियों के चेहरे पर छाई मायूसी केवल एक नौकरी जाने का दुख नहीं है, बल्कि उस भरोसे के टूटने का दर्द है, जो उन्होंने व्यवस्था पर किया था। सरकार का प्लस टू स्कूलों में समायोजन का वादा अब चुनावी जुमले जैसा प्रतीत होने लगा है। बेरोजगार हुए इन शिक्षकों में महिला शिक्षकों की संख्या भी अधिक है, जिनके लिए इस उम्र में दोबारा करियर शुरू करना पहाड़ जैसा कठिन है।

कई शिक्षकों का कहना है कि उन्होंने अपनी पूरी जवानी इन कॉलेजों को दे दी, इस उम्मीद में कि कभी न कभी उनकी सेवा स्थायी होगी या उन्हें बेहतर विकल्प मिलेगा, लेकिन बदले में उन्हें केवल अनिश्चितता और अपमान मिला है।

Related Posts

अनुराग शर्मा, आरू साहू और बॉलीवुड गायिका पलक मुच्छल के गीतों पर झूमे दर्शक

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 की सांस्कृतिक संध्या गीत-संगीत, नृत्य और सुरों की शानदार प्रस्तुतियों से सराबोर रही। सांस्कृतिक कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति के साथ देश की विविध सांस्कृतिक…

पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने सभी अधिकारी-कर्मचारियों के समर्पण, परिश्रम और टीम भावना की सराहना की

भोपाल  राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर 31 अक्टूबर 2026 को गुजरात के एकता नगर में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में मध्यप्रदेश पुलिस की ओर से हॉक फोर्स, 7वीं…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

‘सिख नरसंहार के दिन कांग्रेस ने किया जख्मों पर वार’, अमित शाह का बड़ा बयान

‘सिख नरसंहार के दिन कांग्रेस ने किया जख्मों पर वार’, अमित शाह का बड़ा बयान

AAP विधायकों के इस्तीफे पर अमन अरोड़ा और बलतेज पन्नू का पलटवार, BJP पर लगाए आरोप

AAP विधायकों के इस्तीफे पर अमन अरोड़ा और बलतेज पन्नू का पलटवार, BJP पर लगाए आरोप

पंजाब में चुनावी सरगर्मी तेज, आम आदमी पार्टी के दो विधायकों के इस्तीफे से हलचल

पंजाब में चुनावी सरगर्मी तेज, आम आदमी पार्टी के दो विधायकों के इस्तीफे से हलचल

राहुल गांधी का बड़ा बयान, साफ छवि और जीतने की क्षमता वाले नेताओं को मिलेगा टिकट

राहुल गांधी का बड़ा बयान, साफ छवि और जीतने की क्षमता वाले नेताओं को मिलेगा टिकट

मोहाली जमीन घोटाले में बड़ा खुलासा, बिल्डर को अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप

मोहाली जमीन घोटाले में बड़ा खुलासा, बिल्डर को अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप

भगवंत मान होंगे AAP का चेहरा, संजीव अरोड़ा को पार्टी ने बनाया उम्मीदवार

भगवंत मान होंगे AAP का चेहरा, संजीव अरोड़ा को पार्टी ने बनाया उम्मीदवार

Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/hmueqlhb/thedaily247.com/wp-includes/functions.php on line 5581

Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/hmueqlhb/thedaily247.com/wp-includes/functions.php on line 5581