दिल्ली में प्रदूषण पर बड़ा एक्शन, 4 महीने बाहरी गाड़ियों की एंट्री बंद, बिना PUC नहीं मिलेगा ईंधन

नई दिल्ली

सर्दियों में बढ़ने वाले वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनके तहत 1 नवंबर से सरकारी और निजी दफ्तरों में कर्मचारियों की उपस्थिति को सीमित किया जाएगा। नए नियमों के अनुसार, दफ्तरों में एक समय पर केवल 50 % कर्मचारी ही काम करेंगे, जबकि बाकी कर्मचारी घर से काम यानी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। यह व्यवस्था प्रदूषण के स्तर को कम करने और सड़कों पर वाहनों की संख्या घटाने के उद्देश्य से लागू की जाएगी।

इसके साथ ही दिल्ली में वाहनों की पार्किंग दरों को दोगुना करने का फैसला लिया गया है। सरकार का मानना है कि पार्किंग शुल्क बढ़ने से लोग निजी वाहनों का कम इस्तेमाल करेंगे और सार्वजनिक परिवहन की ओर बढ़ेंगे। सरकार ने सर्दियों के दौरान लागू होने वाले ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) की पाबंदियों को अब पूरे सीजन के लिए लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत GRAP के अलग-अलग चरणों में लगने वाले प्रतिबंध हर साल 1 नवंबर से 28 फरवरी तक स्वत: प्रभावी रहेंगे।

दिल्ली में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण से निपटने के लिए लागू किए गए नए दिशा-निर्देशों को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि इन नियमों में पुराने सभी आदेशों को एकीकृत कर एक स्पष्ट, सरल और सख्त व्यवस्था तैयार की गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि नई व्यवस्था से सरकारी विभागों, संस्थानों और आम लोगों के लिए नियमों का पालन करना आसान होगा। उन्होंने कहा कि अधिसूचना तैयार करते समय पिछले वर्षों के प्रदूषण स्तर, अनुभवों और वायु गुणवत्ता से जुड़े आंकड़ों का विस्तृत अध्ययन किया गया है। उन्होंने कहा कि नए दिशा-निर्देशों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की ओर से जारी संशोधित ग्रैप और सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के निर्देशों को भी शामिल किया गया है। रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में हर साल नवंबर से फरवरी के बीच प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। इसी चुनौती को देखते हुए सरकार ने ऐसी स्थायी व्यवस्था लागू की है, जिससे हर साल अलग-अलग आदेश जारी करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

सरकारी ऑफिसों की बदलेगी टाइमिंग
दिल्‍ली में पिछले कई सालों में देखा गया है कि वायु प्रदूषण का एक बड़ा कारण व्‍हीकल्‍स से निकालने वाला धुआं होता है. इसमें निजी वाहनों की भूमिका सबसे ज्‍यादा होती है. इस समस्‍या से निपटने के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' सबसे बेहतर उपाय है. ऐसे में दिल्‍ली सरकार ने नवंबर से फरवरी तक पाबंदियों के दिनों में यातायात का दबाव कम करने के लिए ऑफिसों के अलग-अलग समय और घर से काम करने की व्यवस्था भी लागू की गई है. सर्दियों के दौरान, दिल्ली नगर निगम के तहत आने वाले कार्यालयों में सुबह 8:30 बजे से शाम पांच बजे तक काम होगा, जबकि दिल्ली सरकार के कार्यालयों में एक नवंबर से 28 फरवरी के बीच सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक काम होगा। 

वायु प्रदूषण के दिनों में कुछ ऐसी होती है दिल्‍ली की स्थिति
प्राइवेट ऑफिसों के लिए 50% वर्क फ्रॉम होम

दिल्‍ली सरकार के मुताबिक, एक नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली सरकार और प्राइवेट ऑफिसों में 50 प्रतिशत से अधिक कर्मचारी मौजूद नहीं रहेंगे, बाकी कर्मचारी वर्क फ्रॉर्म होम करेंगे. इससे सड़कों पर वाहनों की संख्‍या काफी कम होने की उम्‍मीद है. हालांकि, जरूरी और इमरजेंसी सर्विस (जैसे अस्पताल, सार्वजनिक यातायात, बिजली, पानी की आपूर्ति, साफ-सफाई, आपदा प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण करने वाली एजेंसियों) को इससे छूट दी गई है। 
   
PUC सर्टिफिकेट दिखाने पर ही मिले पेट्रोल-डीजल 
रेखा गुप्‍ता सरकार के अनुसार, दिल्ली में सभी पेट्रोल, डीजल और सीएनजी/एलपीजी खुदरा दुकानें पूरे साल सिर्फ वैध पीयूसीसी दिखाने पर ही पेट्रोल और डीजल देंगे. बिना वैध प्रमाणपत्र के ईंधन लेते पाए जाने पर वाहनों पर जुर्माना लगाया जा सकता है. इसकी जांच फिजिकल सर्टिफिकेट, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) प्रणाली और 'वाहन' जैसे इलेक्ट्रॉनिक डेटाबेस के जरिए की जाएगी। 

PUC के बिना ईंधन नहीं मिलेगा
अब पूरे वर्ष पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और LPG पंपों पर केवल उन्हीं वाहनों को ईंधन दिया जाएगा, जिनके पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) होगा। सरकार के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, जिन वाहनों के पास वैध PUC प्रमाणपत्र नहीं होगा, उन्हें ईंधन नहीं दिया जाएगा। साथ ही ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई भी की जाएगी। प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर नियंत्रण के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की गई है।

बाहरी वाहनों के प्रवेश पर रोक
नए दिशा-निर्देशों के तहत दिल्ली के बाहर पंजीकृत BS-6 से कम मानक वाले वाहनों के राजधानी में प्रवेश पर रोक रहेगी। इसका उद्देश्य पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम करना है। हालांकि, इस प्रतिबंध से कुछ आवश्यक वाहनों को छूट दी गई है। CNG वाहन, इलेक्ट्रिक वाहन, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस वाहनों को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति रहेगी।

निर्माण गतिविधियां पर रहेगा प्रतिबंध
नए दिशा-निर्देशों के तहत निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाली धूल पर नियंत्रण रखा जाएगा। इसके लिए 1 नवंबर से 31 जनवरी तक धूल पैदा करने वाली तोड़-फोड़ और खुले में होने वाली निर्माण गतिविधियों पर रोक रहेगी। सरकार का उद्देश्य निर्माण स्थलों से निकलने वाली धूल के कारण बढ़ने वाले प्रदूषण को कम करना है। सर्दियों के महीनों में हवा की गति कम होने और प्रदूषक तत्वों के जमा होने से दिल्ली की वायु गुणवत्ता प्रभावित होती है।

दफ्तरों में 50% उपस्थिति
दिल्ली सरकार ने सरकारी और निजी कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत सरकारी और निजी कार्यालयों में एक समय में केवल 50 % कर्मचारी ही कार्यालय से काम करेंगे, जबकि बाकी कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। यह व्यवस्था प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने और कार्यालय आने-जाने वाले वाहनों की संख्या कम करने के उद्देश्य से लागू की जाएगी। हालांकि, विभागाध्यक्षों और जरूरी सेवाओं से जुड़े अधिकारियों को नियमित रूप से कार्यालय आना होगा। आवश्यक सेवाओं के संचालन में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए ऐसे कर्मचारियों को इस नियम से अलग रखा गया है।

पार्किंग शुल्क होगा दोगुना
नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, अधिकृत पार्किंग स्थलों पर अब दोगुना पार्किंग शुल्क लिया जाएगा। इसका उद्देश्य निजी वाहनों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करना और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना है। हालांकि, दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) द्वारा संचालित पार्किंग स्थलों को इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है। यानी DMRC की पार्किंग में यह बढ़ा हुआ शुल्क लागू नहीं होगा। इसके अलावा, प्रदूषण और यातायात दबाव को कम करने के लिए नगर निगम और दिल्ली सरकार के कार्यालयों के समय में भी बदलाव किया जाएगा।

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