स्लोवेनिया में गायब हुआ एक ग्लेशियर, दूसरे पर भी संकट; नदियों और पीने के पानी पर मंडराया खतरा

 ल्युब्ल्याना
यूरोप के देश स्लोवेनिया में गर्मी बढ़ने और कम बर्फबारी के कारण ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं. देश के सबसे ऊंचे पहाड़ माउंट ट्रिग्लाव पर मौजूद ग्लेशियर की बर्फ पूरी तरह गायब हो चुकी है. अब स्कूटा ग्लेशियर ही देश का आखिरी ग्लेशियर बचा है. लेकिन यह भी तेजी से पिघल रहा है. इसे बचाने के लिए बर्फ के ऊपर कंकर  और छोटे पत्थर होने के बाद भी पिघलने की रफ्तार नहीं रुक रही है। 

स्लोवेनिया में वैज्ञानिक पिछले 80 साल से ग्लेशियर पर नजर रख रहे हैं. इस दौरान स्कूटा ग्लेशियर का क्षेत्रफल करीब 2.5 से 3 हेक्टेयर से घटकर 1.5 हेक्टेयर रह गया है. वहीं, ट्रिग्लाव ग्लेशियर कभी 14 हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में फैला था. ग्लेशियर पिघलने से पहाड़ों पर रहने वाले जीवों और पौधों के साथ-साथ नदियों और पीने के पानी पर भी असर पड़ सकता है। 

80 साल में कितना छोटा हो गया ग्लेशियर?
स्लोवेनिया की राजधानी ल्युब्लियाना में वैज्ञानिक ग्लेशियरों पर नजर रख रहे हैं. साल 1946 में ट्रिग्लाव ग्लेशियर की निगरानी शुरू हुई थी. उस समय यह 14 हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में फैला था. अब इसकी बर्फ पूरी तरह गायब हो चुकी है। 

वहीं, स्कूटा ग्लेशियर की बर्फ भी लगातार कम हो रही है. वैज्ञानिक मिहा पावशेक के मुताबिक, पहले यहां बर्फ कई दस मीटर मोटी थी, लेकिन अब इसकी मोटाई कुछ मीटर ही रह गई है. यानी ग्लेशियर का आकार छोटा होने के साथ-साथ बर्फ भी पतली होती जा रही है। 

कम बर्फबारी और गर्मी से पिघल रही बर्फ
वैज्ञानिकों के मुताबिक, ग्लेशियर पिघलने की दो बड़ी वजह हैं. पहली, सर्दियों में कम बर्फबारी होना और दूसरी, गर्मियों में तापमान बढ़ना. सर्दियों में जब पहाड़ों पर कम बर्फ जमा होती है, तो गर्मियों में उसके पिघलने के बाद ग्लेशियर पर ज्यादा बर्फ नहीं बचती. इस साल भी कम बर्फबारी और गर्मी का असर देखने को मिला. पहाड़ों पर जमा बर्फ तेजी से पिघली. यूरोप में इस साल गर्मी और सूखे की वजह से भी ग्लेशियरों पर दबाव बढ़ा है। 

कंकड़ डालने के बाद भी नहीं रुका पिघलना
स्कूटा ग्लेशियर की बर्फ के बड़े हिस्से पर कंकड़ और छोटे पत्थर जमा हैं. इससे सूरज की गर्मी सीधे बर्फ तक कम पहुंचती है और उसे कुछ हद तक बचाने में मदद मिलती है. इसके बावजूद ग्लेशियर पिघल रहा है वैज्ञानिकों के मुताबिक, ग्लेशियर की बर्फ का करीब 80 से 90 फीसदी हिस्सा कंकड़ से ढका है. फिर भी बर्फ चारों तरफ से पिघल रही है. पहाड़ों पर आने वाले लोग भी ग्लेशियर में हो रहे इस बदलाव को साफ देख सकते हैं। 

नदियों और पीने के पानी पर पड़ सकता है असर
ग्लेशियर से मिलने वाला पानी नदियों और जमीन के नीचे मौजूद पानी के लिए अहम है. गर्मियों में जब बर्फ पिघलती है, तो उसका पानी नदियों में पहुंचता है. इसका कुछ हिस्सा जमीन के नीचे जमा होता है. इसी पानी का इस्तेमाल कुओं और पंपों से पीने के लिए किया जाता है। 

वैज्ञानिकों के मुताबिक, ग्लेशियर से मिलने वाला पानी द्रावा और मुरा जैसी नदियों के लिए जरूरी है. अगर ग्लेशियर खत्म हो जाते हैं, तो आने वाले समय में इन नदियों में पानी कम हो सकता है. इससे खेती और पीने के पानी पर भी असर पड़ने का खतरा है। 

यूरोप में तेजी से बढ़ रहा तापमान
यूरोप में पिछले कई दशकों से तापमान बढ़ रहा है. यूरोपीय संघ की कॉपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस के मुताबिक, 1980 के दशक के बाद से यूरोप का तापमान दुनिया के औसत तापमान की तुलना में करीब दोगुनी तेजी से बढ़ा है। 

बढ़ती गर्मी और कम बर्फबारी के कारण ग्लेशियरों का पिघलना तेज हो रहा है. अगर यही स्थिति बनी रही, तो स्लोवेनिया का आखिरी ग्लेशियर भी पूरी तरह गायब हो सकता है. इससे पहाड़ों पर रहने वाले खास जीवों और पौधों को नुकसान पहुंचेगा. साथ ही, नदियों और पीने के पानी के स्रोतों पर भी असर पड़ सकता है। 

Related Posts

इजरायल में सरकार गठन पर फंसा पेच, नेतन्याहू विरोधी गठबंधन के पास 67 सांसदों का समर्थन

 नई दिल्ली  इजरायल में चुनाव में किसी गठबंधन को बहुमत न मिलने से नई सरकार के गठन की तस्वीर साफ नहीं हुई है। वैसे गादी आइसेनकोट के नेतृत्व वाले मध्यमार्गी…

अमेरिका पर ईरानी मछली पकड़ने वाली नौकाओं को निशाना बनाने का आरोप, खामेनेई ने दी सख्त चेतावनी

तेहरान  ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका पर हमला करने का आरोप लगाया है. ईरानी इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग ने शनिवार को होर्मोजगान प्रांत…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

राहुल गांधी का बड़ा बयान, साफ छवि और जीतने की क्षमता वाले नेताओं को मिलेगा टिकट

राहुल गांधी का बड़ा बयान, साफ छवि और जीतने की क्षमता वाले नेताओं को मिलेगा टिकट

मोहाली जमीन घोटाले में बड़ा खुलासा, बिल्डर को अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप

मोहाली जमीन घोटाले में बड़ा खुलासा, बिल्डर को अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप

भगवंत मान होंगे AAP का चेहरा, संजीव अरोड़ा को पार्टी ने बनाया उम्मीदवार

भगवंत मान होंगे AAP का चेहरा, संजीव अरोड़ा को पार्टी ने बनाया उम्मीदवार

अमित शाह का चंडीगढ़ दौरा, एयरपोर्ट पर गुलाबचंद कटारिया ने किया स्वागत

अमित शाह का चंडीगढ़ दौरा, एयरपोर्ट पर गुलाबचंद कटारिया ने किया स्वागत

रचनात्मकता और मासूमियत का संगम: ‘द क्रिएटिव बीज़’ ने किडप्रेन्योर कार्यक्रम में नवीन उत्पादों से सबका दिल जीता

रचनात्मकता और मासूमियत का संगम: ‘द क्रिएटिव बीज़’ ने किडप्रेन्योर कार्यक्रम में नवीन उत्पादों से सबका दिल जीता

नशा तस्करों के लिए 35 विशेष अदालतें, पंजाब में सड़क विकास और किसानों को राहत

नशा तस्करों के लिए 35 विशेष अदालतें, पंजाब में सड़क विकास और किसानों को राहत

Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/hmueqlhb/thedaily247.com/wp-includes/functions.php on line 5581

Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/hmueqlhb/thedaily247.com/wp-includes/functions.php on line 5581