America Debt Crisis: US का कर्ज हुआ $40 ट्रिलियन पार, बढ़ते ब्याज खर्च से लेकर आम लोगों पर क्या असर?

वाशिंगटन
 दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका पर कर्ज का बोझ पहली बार 40 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच गया है। अमेरिकी वित्त विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार 18 अगस्त 2026 को कुल सार्वजनिक कर्ज 40.047 ट्रिलियन डॉलर दर्ज किया गया। इसमें करीब 32.266 ट्रिलियन डॉलर जनता के पास मौजूद अमेरिकी ट्रेजरी सिक्योरिटीज और 7.782 ट्रिलियन डॉलर अंतर-सरकारी कर्ज शामिल है। यह आंकड़ा अमेरिकी वित्तीय स्थिति पर बढ़ते दबाव को रेखांकित करता है। अमेरिका का राष्ट्रीय कर्ज पिछले कुछ वर्षों में बेहद तेज गति से बढ़ा है। अक्टूबर 2025 में यह 38 ट्रिलियन डॉलर के पार गया था, जबकि मार्च 2026 में 39 ट्रिलियन डॉलर का स्तर पार हुआ। इसके बाद कुछ ही महीनों में कर्ज 40 ट्रिलियन डॉलर से आगे निकल गया। इस रफ्तार ने अमेरिकी बजट में बढ़ते घाटे और सरकारी उधारी की दीर्घकालिक स्थिरता को लेकर चिंता बढ़ाई है।

ट्रंप-बाइडेन कार्यकाल में कर्ज में भारी बढ़ोतरी
जनवरी 2017 में डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल की शुरुआत के समय अमेरिकी संघीय कर्ज करीब 19.95 ट्रिलियन डॉलर था। अब यह 40 ट्रिलियन डॉलर से ऊपर पहुंच चुका है, यानी एक दशक से भी कम समय में दोगुने से अधिक की वृद्धि हुई है। इस बढ़ोतरी में कोविड-19 महामारी के दौरान किए गए बड़े सरकारी खर्च के साथ-साथ बाद के वर्षों में टैक्स, खर्च और बजट घाटे से जुड़े फैसलों की भी भूमिका रही है। आंकड़ों के मुताबिक ट्रंप के दोनों कार्यकालों में अब तक अमेरिकी कर्ज में लगभग 11.6 ट्रिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई है, जबकि जो बाइडेन के चार साल के कार्यकाल के दौरान इसमें करीब 8.4 ट्रिलियन डॉलर का इजाफा हुआ। महामारी के दौरान राहत और आर्थिक सहायता कार्यक्रमों ने कर्ज बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जबकि इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वच्छ ऊर्जा और अन्य सरकारी प्राथमिकताओं पर खर्च ने भी बाद के वर्षों में वित्तीय दबाव बढ़ाया।

ब्याज भुगतान बना अमेरिकी बजट की बड़ी चुनौती
अमेरिकी सरकार के लिए चिंता सिर्फ कर्ज की कुल राशि नहीं है, बल्कि उस पर लगातार बढ़ता ब्याज खर्च भी बड़ी चुनौती बन चुका है। वित्तीय वर्ष 2025 में पहली बार अमेरिकी कर्ज पर ब्याज भुगतान पेंटागन के रक्षा बजट से अधिक रहा। वित्तीय वर्ष 2026 के शुरुआती 10 महीनों में ब्याज खर्च मेडिकेयर पर होने वाले खर्च को भी पार कर गया और सोशल सिक्योरिटी के बाद संघीय बजट की दूसरी सबसे बड़ी मद बन गया। अमेरिका हर साल करीब 7 ट्रिलियन डॉलर खर्च करता है और इसका लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा Social Security, Medicare, Medicaid और वेटरन्स केयर जैसे अनिवार्य कार्यक्रमों में जाता है। इसके अलावा कर्ज पर ब्याज भुगतान भी तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में सरकार के लिए खर्च घटाने की गुंजाइश सीमित हो जाती है, क्योंकि बजट की बड़ी मदें सीधे तौर पर सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी हैं। बढ़ते सरकारी कर्ज का असर अमेरिकी बॉन्ड बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। लंबी अवधि के अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड हाल के दिनों में कई वर्षों के ऊंचे स्तर पर पहुंची है। 30 वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी की यील्ड 5.27 प्रतिशत के आसपास तक पहुंच गई, जिससे सरकार के लिए लंबे समय की उधारी महंगी होने की चिंता बढ़ी है।

आम लोगों की जेब और अर्थव्यवस्था पर असर
राष्ट्रीय कर्ज बढ़ने का असर केवल सरकारी खातों तक सीमित नहीं रहता। यदि सरकारी उधारी और बॉन्ड यील्ड ऊंची बनी रहती है, तो इसका असर मॉर्गेज यानी होम लोन, ऑटो लोन और कारोबारी कर्ज की लागत पर पड़ सकता है। कंपनियों के लिए पूंजी महंगी होने पर निवेश और विस्तार प्रभावित हो सकते हैं, जिसका असर रोजगार और वेतन वृद्धि पर भी पड़ने की आशंका रहती है। बढ़ता ब्याज खर्च सरकार के पास दूसरे क्षेत्रों के लिए उपलब्ध धन को भी सीमित कर सकता है। अगर राजस्व का बड़ा हिस्सा पुराने कर्ज की सर्विसिंग में चला जाता है, तो बुनियादी ढांचे, शिक्षा और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए वित्तीय गुंजाइश कम हो सकती है। यही वजह है कि 40 ट्रिलियन डॉलर का आंकड़ा केवल एक मनोवैज्ञानिक सीमा नहीं, बल्कि अमेरिकी राजकोषीय नीति के सामने मौजूद गहरे असंतुलन का संकेत माना जा रहा है।

महंगाई की मार की तरफ
अमेरिकी प्रशासन की ओर से सरकारी खर्च में बर्बादी और अनियमितताओं को कम करने तथा आर्थिक वृद्धि को तेज करने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य यह है कि मजबूत आर्थिक विकास से राजस्व बढ़े और GDP के मुकाबले कर्ज का बोझ नियंत्रित करने में मदद मिले। दूसरी ओर, बजट विशेषज्ञों का मानना है कि दीर्घकालिक समाधान के लिए खर्च और राजस्व के बीच मौजूद संरचनात्मक अंतर को कम करना भी जरूरी होगा। कर्ज की मौजूदा गति को लेकर भविष्य की तस्वीर भी चिंता पैदा कर रही है। अमेरिकी कर्ज सीमा करीब 41.1 ट्रिलियन डॉलर पर निर्धारित है और मौजूदा रफ्तार के आधार पर इसके 2027 की शुरुआत में करीब पहुंचने का अनुमान सामने आया है। इसका मतलब है कि आने वाले समय में अमेरिकी कांग्रेस के सामने कर्ज सीमा बढ़ाने या वित्तीय नीतियों में बदलाव का दबाव फिर बढ़ सकता है।

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