रूस में मारे गए भारतीय नागरिकों की पहचान के लिए DNA टेस्ट जरूरी, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश

नई दिल्ली

रूस-यूक्रेन युद्ध में रूसी सेना की ओर से लड़ते हुए जान गंवाने वाले भारतीय नागरिकों के पार्थिव शरीर को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक बेहद अहम और संवेदनशील फैसला सुनाया है। सर्वोच्च अदालत ने केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय (MEA) को निर्देश दिया है कि रूस से भारत लाए जाने वाले 20 भारतीय नागरिकों के शवों को परिजनों को सौंपने से पहले अनिवार्य रूप से डीएनए टेस्ट कराया जाए ताकि उनकी सही पहचान सुनिश्चित हो सके।

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने विदेश मंत्रालय को पीड़ित परिवारों की मदद के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का भी आदेश दिया है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बड़ी बातें
DNA मिलान अनिवार्य: कोर्ट ने कहा कि विदेश मंत्रालय मृत नागरिकों के अवशेषों का परिजनों के साथ डीएनए टेस्ट कराएगा। डीएनए सैंपल मैच होने के बाद ही पार्थिव शरीर आधिकारिक तौर पर परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंपा जाएगा।

मुफ्त कानूनी सहायता: अदालत ने राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरणों (NALSA/SLSA) को निर्देश दिया कि वे पीड़ित परिवारों को मुआवजा दावा करने और डीएनए सैंपल देने की प्रक्रिया के लिए फ्री कानूनी सहायता उपलब्ध कराएं।

क्षेत्रीय भाषाओं में जानकारी: कोर्ट ने निर्देश दिया कि विदेश मंत्रालय मुआवजे और कागजी कार्रवाई से जुड़ी सभी जानकारियां और दस्तावेज पीड़ित परिवारों को उनकी क्षेत्रीय/स्थानीय भाषा में उपलब्ध कराए ताकि उन्हें समझने में सहूलियत हो।

सरकार ने दी मौतों और लापता भारतीयों की रिपोर्ट
केंद्र सरकार ने सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट को रूसी सेना में शामिल हुए भारतीय नागरिकों का ताजा आंकड़ा सौंपा:

कैटेगरी संख्या
रूसी सेना में शामिल कुल भारतीय करीब 217 या 219
कॉन्ट्रैक्ट से पहले रिहा हुए 139
मौतों की पुष्टि 51
भारत लाए जा चुके पार्थिव शरीर 29
रूस में स्थानीय स्तर पर अंतिम संस्कार 2
भारत लाए जाने बाकी शव 20
लापता या जिनकी तलाश जारी है 29 (5 की रूस ने पुष्टि की, 24 की तलाश जारी)

DNA टेस्ट का मुद्दा क्यों उठा? 

याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील ने कोर्ट में चिंता जताई थी कि युद्ध क्षेत्र से लाए जा रहे ताबूतों में केवल कंकाल और क्षत-विक्षत अवशेष मिल रहे हैं, जिससे बिना डीएनए जांच के परिजनों के लिए यह पहचानना असंभव है कि वे अवशेष उनके ही रिश्तेदार के हैं या नहीं।

केंद्र सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) ऐश्वर्या भाटी ने साफ किया कि भारत सरकार पहले से ही मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास के जरिए डीएनए सैंपल इकट्ठा कर रही है और बिना मिलान के कोई भी शव नहीं सौंपा जा रहा है।

केंद्र ने अदालत को यह भी बताया कि युद्धग्रस्त इलाकों में लगातार ड्रोन हमलों और विस्फोटों के कारण मृत सैनिकों के अवशेषों को खोज पाना और रिकवर करना बेहद चुनौतीपूर्ण काम बना हुआ है।

 

Related Posts

पेपर लीक, RPSC और खनन लीज पर राजस्थान में सियासी संग्राम, गहलोत ने CM को दिया अल्टीमेटम

जयपुर राजस्थान की राजनीति में त्योहारी सीजन के बीच बड़ा भूचाल आ गया है। जोधपुर में आयोजित एक पदयात्रा के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर…

वोट चोरी रैली में नहीं पहुंचे युवा कांग्रेस नेता, 60 पदाधिकारियों पर संगठन का एक्शन

भोपाल मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस ने दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर को आयोजित कांग्रेस की 'वोट चोरी' रैली में शामिल न होने वाले 60 पदाधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करते…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

झोटा हत्याकांड के आरोपी की दुकान तोड़ने पर पुलिस का एक्शन, 1200 लोगों पर FIR दर्ज

झोटा हत्याकांड के आरोपी की दुकान तोड़ने पर पुलिस का एक्शन, 1200 लोगों पर FIR दर्ज

पंजाब में ED की बड़ी कार्रवाई, विधायक अमनदीप से जुड़े 7 ठिकानों पर छापेमारी

पंजाब में ED की बड़ी कार्रवाई, विधायक अमनदीप से जुड़े 7 ठिकानों पर छापेमारी

दलजीत के अंतिम संस्कार का रास्ता साफ, कल मोगा में दी जाएगी अंतिम विदाई

दलजीत के अंतिम संस्कार का रास्ता साफ, कल मोगा में दी जाएगी अंतिम विदाई

पंजाब में ‘जख्म 84’ पर सियासी जंग, राहुल गांधी और BJP आमने-सामने

पंजाब में ‘जख्म 84’ पर सियासी जंग, राहुल गांधी और BJP आमने-सामने

पाकिस्तान-दुबई से जुड़े हथियार तस्करी नेटवर्क का खुलासा, 11 गिरफ्तार, भारी मात्रा में हथियार बरामद

पाकिस्तान-दुबई से जुड़े हथियार तस्करी नेटवर्क का खुलासा, 11 गिरफ्तार, भारी मात्रा में हथियार बरामद

CM मान ने युवाओं को दी नौकरी की सौगात, बोले- जनता के साथ अच्छा व्यवहार रखें

CM मान ने युवाओं को दी नौकरी की सौगात, बोले- जनता के साथ अच्छा व्यवहार रखें

Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/hmueqlhb/thedaily247.com/wp-includes/functions.php on line 5581

Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/hmueqlhb/thedaily247.com/wp-includes/functions.php on line 5581