इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम की हार, सेलेक्शन और रणनीति पर बड़े सवाल

नई दिल्ली
यूरोप दौरे पर टीम इंडिया की लगातार नाकामी ने सिर्फ खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर ही नहीं, बल्कि टीम सेलेक्शन और मैनेजमेंट की सोच पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. पिछले नौ इंटरनेशनल मुकाबलों में से सात में हार झेल चुकी भारतीय टीम की सबसे बड़ी कमजोरी अब साफ नजर आने लगी है. विदेशी परिस्थितियों में अतिरिक्त बल्लेबाज की जगह ऑलराउंडरों पर जरूरत से ज्यादा भरोसा भारत को लगातार भारी पड़ रहा है.

भारतीय क्रिकेट की पहचान हमेशा मजबूत बल्लेबाजी रही है. लेकिन हैरानी की बात यह है कि इंग्लैंड जैसे दौरे पर टीम इंडिया के वनडे स्क्वॉड में एक भी अतिरिक्त विशेषज्ञ बल्लेबाज मौजूद नहीं है. इसके बजाय टीम मैनेजमेंट ने ऐसे ऑलराउंडरों पर भरोसा जताया, जो ना तो बल्ले से मैच फिनिश कर पा रहे हैं और न ही गेंद से बड़ा असर छोड़ पा रहे हैं.

सुंदर-शिवम का रोल समझ से परे!
इस पूरे मामले में अक्षर पटेल को आलोचना से अलग रखा जा सकता है. उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में तीनों फॉर्मेट में खुद को साबित किया है. लेकिन वॉशिंगटन सुंदर और शिवम दुबे लगातार उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए हैं. अगर हार्दिक पंड्या फिट होकर टीम का हिस्सा होते तो शायद इन दोनों में से किसी एक को भी प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिलती. यही बात अब टीम चयन पर सवाल खड़े कर रही है.

कार्डिफ वनडे में भारत मजबूत स्थिति में था. 32वें ओवर में विराट कोहली के 65 रनों के निजी पर आउट होने तक टीम का स्कोर 178/4 था. उस समय ऐसा लग रहा था कि भारत आसानी से 300 रनों तक पहुंच जाएगा. लेकिन इसके बाद पूरी बल्लेबाजी बिखर गई. वॉशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल और शिवम दुबे जैसे ऑलराउंडर तेज गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सके. नतीजा यह हुआ कि पूरी टीम 44 ओवर में सिर्फ 233 रनों पर सिमट गई. यही वह दौर था, जिसने मैच इंग्लैंड की झोली में डाल दिया.

कार्डिफ की पिच पर जोफ्रा आर्चर और साकिब महमूद ने भारतीय मिडिल ऑर्डर की तकनीक की परीक्षा ली और बल्लेबाज उसमें फेल साबित हुए. वॉशिंगटन सुंदर हैमस्ट्रिंग में खिंचाव के बाद शॉर्ट गेंद पर विकेटकीपर जोस बटलर को कैच दे बैठे. अक्षर पटेल ने आर्चर की बाउंसर पर अपर कट खेलने की कोशिश की और विकेट गंवा दिया. शिवम दुबे बिना खाता खोले कॉट एंड बोल्ड हो गए. तीनों बल्लेबाज उस समय टिककर पारी संभालने में नाकाम रहे, जब टीम को सबसे ज्यादा जरूरत थी.
यह भी पढ़ें: विराट कोहली-गौतम गंभीर में नहीं होती बात? अफवाहों पर बैट‍िंग कोच का फूटा गुस्सा

सबसे ज्यादा सवाल शिवम दुबे के चयन पर उठ रहे हैं. दिसंबर 2019 में ओडीआई डेब्यू करने वाले दुबे ने अब तक गिने-चुने मुकाबले खेले हैं, लेकिन फिर भी उन्हें दोनों मैचों में प्लेइंग इलेवन में मौका मिला. दूसरे वनडे इंटरनेशनल में वह शून्य पर आउट हुए और गेंदबाजी में भी छह ओवर डालने के बावजूद कोई प्रभाव नहीं छोड़ सके. टी20 क्रिकेट में उपयोगी साबित होने वाले दुबे अब तक वनडे प्रारूप में खुद को स्थापित नहीं कर पाए हैं.

भारत ने अतिरिक्त बल्लेबाज क्यों नहीं चुना?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि विदेशी दौरे पर भारत ने एक अतिरिक्त विशेषज्ञ बल्लेबाज क्यों नहीं चुना? इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड जैसी परिस्थितियों में बल्लेबाजी करना हमेशा कठिन माना जाता है. जब विशेषज्ञ बल्लेबाज भी संघर्ष करते हैं, तब ऐसे खिलाड़ियों पर निर्भर रहना जोखिम भरा हो जाता है, जिनकी बल्लेबाजी उनकी मुख्य पहचान नहीं है. टीम में एक अतिरिक्त बल्लेबाज होता तो विराट कोहली के आउट होने के बाद पारी को संभालने का विकल्प मौजूद रहता. लेकिन भारत के पास ऐसा कोई विकल्प नहीं था.

भारत ने पिछले दो वर्षों में व्हाइट-बॉल क्रिकेट में बड़ी सफलताएं हासिल की हैं. टी20 वर्ल्ड कप 2024, चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 और टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने के बाद शायद टीम मैनेजमेंट को अपने कॉम्बिनेशन पर जरूरत से ज्यादा भरोसा हो गया. लेकिन इंग्लैंड की परिस्थितियों ने साफ कर दिया कि घरेलू या धीमी पिचों पर सफल रहने वाला फॉर्मूला विदेश में हमेशा काम नहीं करता.

चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट को भी जवाब देना होगा कि आखिर विदेशी दौरे के लिए टीम बनाते समय विशेषज्ञ बल्लेबाजों की जगह ऑलराउंडरों पर इतना बड़ा दांव क्यों लगाया गया. अगर यही रणनीति जारी रही, तो विदेशी सरजमीं पर टीम इंडिया की मुश्किलें खत्म होने की बजाय और बढ़ सकती हैं.

Related Posts

हार्दिक पंड्या के लिए घरेलू क्रिकेट अनिवार्य? कप्तान गिल ने दिया फिटनेस टेस्ट का संकेत

नई दिल्ली  हर किसी को पता है कि हार्दिक पंड्या टीम इंडिया के लिए कितने अहम हैं. 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप के लिए हर कोई इस स्टार…

IND vs NZ: विराट कोहली के बल्ले से निकलेगा शतक! न्यूजीलैंड सीरीज से पहले दिग्गज ने बताई वजह

नई दिल्ली भारत और न्यूजीलैंड के बीच 4 नवंबर से शुरू होने वाली 5 मैचों की वनडे सीरीज का इंतजार फैन्स बेसब्री के साथ कर रहे हैं. इस सीरीज में…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

CM मान ने युवाओं को दी नौकरी की सौगात, बोले- जनता के साथ अच्छा व्यवहार रखें

CM मान ने युवाओं को दी नौकरी की सौगात, बोले- जनता के साथ अच्छा व्यवहार रखें

फतेहगढ़ साहिब के पर्यटन विकास को लेकर राज्यपाल का बड़ा बयान, प्रस्ताव मिलते ही होगी मंजूरी

फतेहगढ़ साहिब के पर्यटन विकास को लेकर राज्यपाल का बड़ा बयान, प्रस्ताव मिलते ही होगी मंजूरी

फर्जी NHAI अधिकारी की जमानत याचिका खारिज, 7.29 करोड़ की ठगी का मामला

फर्जी NHAI अधिकारी की जमानत याचिका खारिज, 7.29 करोड़ की ठगी का मामला

PGI मरीजों के पैसों का खेल उजागर, ढाबा संचालक और दुकानदारों के खातों में पहुंचे करोड़ों रुपये

PGI मरीजों के पैसों का खेल उजागर, ढाबा संचालक और दुकानदारों के खातों में पहुंचे करोड़ों रुपये

पंजाब में मौसम के बीच प्रदूषण की मार, कई शहरों में AQI 200 के पार पहुंचा

पंजाब में मौसम के बीच प्रदूषण की मार, कई शहरों में AQI 200 के पार पहुंचा

पंजाब में पूर्व कैबिनेट मंत्री के घर ED का छापा, दूसरे दिन भी दस्तावेज खंगाल रही टीम

पंजाब में पूर्व कैबिनेट मंत्री के घर ED का छापा, दूसरे दिन भी दस्तावेज खंगाल रही टीम

Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/hmueqlhb/thedaily247.com/wp-includes/functions.php on line 5581

Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/hmueqlhb/thedaily247.com/wp-includes/functions.php on line 5581