राज्यसभा चुनाव पर सियासत तेज: रिटर्निंग अधिकारी बोले—सब कुछ नियम अनुसार, कांग्रेस के आरोप निराधार

चंड़ीगढ़.

हरियाणा के राज्यसभा चुनाव के रिटर्निंग अधिकारी सीनियर आईएएस पंकज अग्रवाल की भूमिका पर कांग्रेस भले ही सवाल उठा रही है, लेकिन उनका दावा है कि चुनाव में मतदान प्रक्रिया आरंभ होने से लेकर जीत के प्रमाण पत्र बांटने तक उन्होंने नियम और कानून के हिसाब से कार्य किया। उन्होंने चुनाव में अनियमितता, धांधली और किसी पार्टी विशेष के प्रति कथित झुकाव से साफ इनकार किया।

उनका कहना है कि हर चुनाव में राजनीतिक प्रोपगेंडा होते ही रहते हैं। वह इनमें नहीं पड़ना चाहते। उन्हें इस बात की संतुष्टि है कि केंद्रीय चुनाव आयोग भी रिटर्निंग ऑफिसर की भूमिका के रूप में उनकी कार्यप्रणाली से पूरी तरह संतुष्ट है। रिटर्निंग अधिकारी पंकज अग्रवाल ने सवालों के जवाब दिए।

सवाल: राज्यसभा की दो सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस आपकी भूमिका पर लगातार सवाल उठा रही है। विपक्ष के नेता भूपेंद्र हुड्डा आपके विरुद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर राज्यपाल से मिलने भी गए?
जवाब: कांग्रेस क्यों ऐसे सवाल उठा रही है, इस बारे में तो मैं क्या ही कहूं, लेकिन इतना जरूर कहना चाहता हूं कि मैंने रिटर्निंग अधिकारी के रूप में नियम और कानून के दायरे में रहकर काम किया। पूरी चुनाव प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग हुई है। सब कुछ पारदर्शी तरीके से हुआ। सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मतदान केंद्र में मतगणना तक मौजूद थे। फिर हमारी भूमिका कहां से गलत हो गईं।

सवाल: राज्यसभा के चुनाव में एक-एक वोट की कीमत है। कितनी वोट क्रॉस हुई, कितनी रद हुई और रद होने के क्या कारण रहे?
जवाब: चुनाव में कुल पांच वोट रद हुए हैं। चार वोट किसके हैं और एक वोट किसका है, यह मैं अधिकृत रूप से नहीं कह सकता। मुझे इतना पता है कि कुल पांच वोट रद हुए हैं। अधिकतर वोटों के रद होने का कारण मतपत्र पर निशान बना है। कुछ सीक्रेसी लीक भी कारण बना। कितनी वोट क्रॉस हुई है, यह देखना, बताना अथवा इस पर निगाह रखना मेरे अधिकार क्षेत्र का मामला नहीं है। यह विशुद्ध रूप से राजनीतिक इश्यू है। चुनाव के एजेंटों को पता होगा कि किस पार्टी के किस विधायक की वोट क्यों क्रास हुई।

सवाल: कुछ विधायक आरोप लगा रहे हैं कि राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया काफी देर तक बाधित रही और इसी दौरान गड़बड़ी की प्रक्रिया को अंजाम दिया गया ?
जवाब: मैंने अभी कहा कि मतदान केंद्र में सभी दलों के प्रतिनिधि मौजूद थे। इस सूचना में कोई दम नहीं कि मतदान प्रक्रिया बाधित रही। पौने तीन बजे के आसपास तक सभी वोट पड़ चुके थे। सिर्फ दो वोट पड़ने बाकी थे। हमने चार बजे तक उनके आने की प्रतीक्षा की। समय पूरा होने के बाद प्रतीक्षा बंद कर मतगणना की प्रक्रिया चालू की गई। जिन मतों पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने आपत्ति जताई थी, उनका निस्तारण किया गया। इसकी भी एक प्रक्रिया होती है। उसे पूरी तरह से अपनाया गया। केंद्रीय चुनाव आयोग द्वारा समस्त आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद उनकी अनुमति से मतगणना आरंभ कर जीत के प्रमाण पत्र बांटे गए।

सवाल: हरियाणा सरकार ने राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया पूरी होते ही आपका तबादला कर दिया। आपको अधिक महत्व के विभाग सौंपे गए। विपक्ष इसे आपको सरकार द्वारा पावरफुल करने के रूप में प्रचारित कर रहा है?
जवाब: मैं कोई राजनीतिक आदमी हूं, जो अधिक पावरफुल या कम पावरफुल होगा। मैं प्रशासनिक अधिकारी हूं। आइएएस अधिकारी के रूप में किसी भी पद पर सेवाएं लेना सरकार के अधिकार क्षेत्र का मामला है। सरकार द्वारा सौंपी जाने वाली जिम्मेदारी को पूरा करना हमारा दायित्व है। पहले मेरे पास कृषि और खनन एवं भूगर्भ विभागों का दायित्व था। अब सरकार ने सिंचाई एवं जल संसाधन, सरस्वती हैरिटेज बोर्ड और खनन व भूगर्भ विभाग का काम सौंपा है। इसमें नई बात क्या है। यह सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है।

हरियाणा के राज्यसभा चुनाव में यह रहे नतीजे

  1. एक सीट पर भाजपा के संजय भाटिया जीते।
  2. कर्मवीर बौद्ध जीते।
  3. कर्मवीर बौद्ध की जीत भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल से मात्र 0.44 मतों के अंतर से हुई।
  4. कांग्रेस के पांच विधायकों ने सतीश नांदल के समर्थन में वोटिंग की, जिन्हे कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है
  5. कांग्रेस के चार और भाजपा के एक विधायक की वोट रद हुई है।
  6. राज्य की 90 विधानसभा सीटों में से भाजपा के 48, कांग्रेस के 37, इनेलो के दो और निर्दलीय तीन विधायक हैं
  7. इनेलो के दो विधायकों अर्जुन चौटाला व आदित्य देवीलाल ने स्वयं को इस चुनाव से अलग रखा।

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