छत्तीसगढ़ का नया धर्मांतरण कानून: सख्त सजा और खास प्रावधानों की पूरी जानकारी

रायपुर.

छत्तीसगढ़ बहुप्रतीक्षित विधेयक आखिरकार विधानसभा में पारित किया गया। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आज सदन में भारी गहमागहमी देखने को मिली। गृह मंत्री विजय शर्मा ने राज्य में धर्मांतरण पर रोक लगाने के उद्देश्य से ‘छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026’ सदन के पटल पर रखा। विधेयक पेश होते ही विपक्ष ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया और इसे जल्दबाजी में उठाया गया कदम करार दिया।

क्या है छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण विधेयक?
छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण स्वातंत्रय विधेयक 2026 के फॉर्मेट का अनुमोदन किया गया है. इस विधेयक का उद्देश्य छत्तीसगढ़ में एक धर्म से दूसरे धर्म में परिवर्तन के लिए बल प्रयोग, प्रलोभन, कपटपूर्ण नीति और साधनों पर सही तरीके से रोक लगाना है. अब अगर छत्तीसगढ़ में रहने वाले किसी व्यक्ति को कोई दूसरा इंसान जबरन दबाव डालकर धर्म परिवर्तन करवाता है, तो उसे दोषी मानते हुए उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. अगर नियम के बाहर कोई व्यक्ति धर्म बदलता है, तो उसे कानूनी मान्यता नहीं मिलेगी. विधेयक साफ तौर पर यह कहता है कि धर्म परिवर्तन किसी भी व्यक्ति की इच्छा से होना चाहिए. दबाव या लालच से नहीं. छत्तीसगढ़ में पहले से ही धर्म स्वतंत्रता अधिनियम, 1968 लागू है, जो 1 नवंबर, 2000 को अस्तित्व में आया था.

सार्वजनिक की जाएगी धर्मांतरण की जानकारी
छत्तीसगढ़ में नए धर्मांतरण विधेयक के मुताबिक यदि कोई व्यक्ति अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन करना चाहता है, तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत जिला मजिस्ट्रेट को पूर्व सूचना देनी होगी. प्रस्तावित धर्मांतरण की जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाएगी और 30 दिनों के भीतर आपत्ति दर्ज कराने का नियम होगा. विधेयक में प्रलोभन, प्रपीड़न, दुर्व्यपदेशन, सामूहिक धर्मांतरण और डिजिटल माध्यम से धर्मांतरण जैसे शब्दों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है. साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि पैतृक धर्म में वापसी को धर्मांतरण नहीं माना जाएगा.

जबरन धर्मांतरण करवाने पर है सजा का प्रावधान

  1.     कानून में अवैध धर्मांतरण के मामलों के लिए कड़े दंड का प्रावधान किया गया है. अवैध तरीके से धर्मांतरण कराने पर 7 से 10 साल तक की जेल और कम से कम 5 लाख रुपए का जुर्माना हो सकता है.
  2.     यदि पीड़ित नाबालिग, महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित है, तो सजा 10 से 20 साल तक की जेल और कम से कम 10 लाख रुपए का जुर्माना हो सकता है.
  3.     सामूहिक धर्मांतरण के मामलों में सजा और कठोर होगी, जिसमें 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास और कम से कम 25 लाख रुपए जुर्माना का प्रावधान किया गया है.
  4.     विधेयक के तहत आने वाले अपराध संज्ञेय और गैर जमानती होंगे. मामलों की सुनवाई विशेष न्यायालय में की जाएगी. सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य धार्मिक स्वतंत्रता को सीमित करना नहीं बल्कि अवैध तरीकों से होने वाले धर्मांतरण को रोकना है.

दूसरे राज्यों से कैसे अलग है छत्तीसगढ़ का कानून
छत्तीसगढ़ से पहले उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तराखंड, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, हरियाणा, झारखंड, अरुणाचल प्रदेश और राजस्थान सहित कई राज्यों में धर्म बदलने के खिलाफ कानून मौजूद हैं. सभी राज्यों में लगभग कानून एक जैसा ही है, लेकिन उसकी सजा और जुर्माने में अंतर है. जबकि छत्तीसगढ़ में आदिवासियों की एक बड़ी आबादी है और उन क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया गया है. इसके अलावा सामूहिक धर्मांतरण ना हो इस पर जोर दिया गया है और सख्त सजा का प्रावधान किया गया है.

छत्तीसगढ़ में धर्म परिवर्तन की आईं खबरें
छत्तीसगढ़ के बस्तर और जशपुर क्षेत्र में कई बार आदिवासियों को ईसाई धर्म में परिवर्तन की खबरें आई थीं. कई बार ऐसा भी पता चला है कि आदिवासियों और धर्म परिवर्तन करने वाले लोगों के बीच भी विवाद हुआ था. अब धर्मांतरण विधेयक के बाद ऐसे मामलों में रोक लगने की उम्मीद होगी. छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण को लेकर पिछले कुछ महीनों में कई FIR भी दर्ज हुई हैं और पुलिस को शिकायत भी मिली है.

उपमुख्यमंत्री ने कही ये बात
धर्मांतरण विधेयक पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 1968 का धर्म स्वतंत्र विधेयक लागू है. अब परिस्थितियां बदल गई हैं, तो नई परिस्थितियों के तहत धर्म स्वतंत्र विधेयक लाया गया है.

Related Posts

तमिलनाडु में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा, कॉलेज स्टूडेंट्स को मुफ्त लैपटॉप देने के लिए 2,000 करोड़ का बजट मंजूर

चेन्नई  तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने छात्रों के लिए बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कॉलेज छात्रों के लिए 'वेत्री लैपटॉप योजना' लागू करने का आदेश दिया है। राज्य…

बस्तर में पीएम मोदी का विपक्ष पर निशाना: हथियारबंद नक्सलवाद के बाद अब वैचारिक नक्सलवाद से मुकाबले की बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर साल की तरह इस बार भी देश के प्रहरियों के साथ दिवाली मनाने पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बार छत्तीसगढ़ के बस्तर में सीआरपीएफ जवानों के…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

पंजाब की आशीर्वाद योजना बनी परिवारों का सहारा, बेटियों की शादी के लिए मिलती है 51 हजार रुपये की मदद

पंजाब की आशीर्वाद योजना बनी परिवारों का सहारा, बेटियों की शादी के लिए मिलती है 51 हजार रुपये की मदद

पंजाब में फिर थमेंगे सरकारी बसों के पहिए, 16 नवंबर से कर्मचारी करेंगे हड़ताल

पंजाब में फिर थमेंगे सरकारी बसों के पहिए, 16 नवंबर से कर्मचारी करेंगे हड़ताल

फिरोजपुर में तेज आवाज वाले पटाखे खरीदने-बेचने पर रोक, नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई

फिरोजपुर में तेज आवाज वाले पटाखे खरीदने-बेचने पर रोक, नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई

चंडीगढ़ में 3 दिन सजेगा सैन्य विरासत का मंच, मिलिट्री फेस्टिवल में दिखेगा रोमांच और देशभक्ति का संगम

चंडीगढ़ में 3 दिन सजेगा सैन्य विरासत का मंच, मिलिट्री फेस्टिवल में दिखेगा रोमांच और देशभक्ति का संगम

मान सरकार का युवाओं को तोहफा, पंजाब में पटवारियों के 1001 पदों पर होगी भर्ती

मान सरकार का युवाओं को तोहफा, पंजाब में पटवारियों के 1001 पदों पर होगी भर्ती

चंडीगढ़ में छाईं जेल के कैदियों की मिठाइयां, स्वाद के दीवाने हुए लोग

चंडीगढ़ में छाईं जेल के कैदियों की मिठाइयां, स्वाद के दीवाने हुए लोग

Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/hmueqlhb/thedaily247.com/wp-includes/functions.php on line 5581

Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (1) in /home/hmueqlhb/thedaily247.com/wp-includes/functions.php on line 5581